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Iceland Volcano: आइसलैंड के ज्वालामुखी ने खोला धरती का दरवाजा, तस्वीरें हैरान कर देंगी आपको

aajtak.in
  • रेकजाविक,
  • 07 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 4:24 PM IST
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आइसलैंड (Iceland) की राजधानी रेकजाविक (Reykjavik) में पिछले साल फटा ज्वालामुखी फिर एक बार लावा उगल रहा है. फागराडाल्सफाल माउंटेन (Fagradalsfjall Mountain) पर स्थित ये ज्वालामुखी इस समय पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है. इस लावा को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग आ रहे हैं. वहीं, दूसरी तरह वैज्ञानिकों ने इस विस्फोट ने धरती के अंदर एक नया दरवाजा खोल दिया है. जो धरती के मैंटल (Mantle) से सीधे जुड़ा है. (फोटोः गेटी)

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ज्वालामुखी रेकजाविक के केफ्लाविक एयरपोर्ट (Keflavik Airport) से मात्र 32 किलोमीटर है. हर प्लेन टेकऑफ करने और लैंडिंग के समय लोगों को इधर से घुमाकर ले जा रहे हैं. सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो वायरल हो रहे हैं. तस्वीरें सुंदर जरूर हैं लेकिन उतनी ही भयावह भी. पहले ज्वालामुखी एक ही जगह से लावा उगल रहा था अब तो की दरवाजे खुल गए हैं. कई जगहों से लावा निकल रहा है, जैसे कहीं से फव्वारा निकल रहा हो. (फोटोः रॉयटर्स)

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ज्वालामुखी से निकल रहे लावा और धुएं के बादलों की वजह से एयरपोर्ट से कोई फ्लाइट रद्द नहीं हुई है. एयरपोर्ट भी खुला है. ये ज्वालामुखी चार दिन पहले हल्के भूकंप के झटकों के बाद फट पड़ा था. तब से लगातार लावा की नदी बह रही है. विस्फोट ठीक उसी जगह के आसपास हो रहा है, जहां पर पिछले साल मार्च में हुआ था. पिछली साल भी लगातार कई महीनों तक लावा बहता रहा था. (फोटोः गेटी)

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असल में आइसलैंड (Iceland) उत्तरी अटलांटिक के ज्वालामुखीय इलाके के ऊपर बसा है. यहां पर हर चार-पांच साल के अंतर पर इस तरह के बड़े विस्फोट होते रहते हैं. सबसे खतरनाक विस्फोट साल 2010 में हुआ था. ये विस्फोट Eyjafjallajokull volcano में हुआ था. इसकी वजह से राख और धूल के बादल वायुमंडल तक पहुंच गए थे. इसकी वजह से यूरोप और उत्तरी अमेरिका की उड़ानें बंद हो गई थीं. (फोटोः रॉयटर्स)

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Eyjafjallajokull volcano की वजह से 1 लाख उड़ानें जमीन पर आ गई थीं. करोड़ों यात्री अलग-अलग एयरपोर्ट पर फंस गए थे. लेकिन इस बार के विस्फोट से ऐसा कुछ फिलहाल होता नहीं दिख रहा है. पर्यटकों के अलावा यहां पर वैज्ञानिक भी जमा है. लावा के सैंपल लेकर उनकी जांच के लिए भेज रहे हैं. लगातार बुलबुलों की तरह लावा फट रहा है. दुर्गंध वाली गैस बाहर निकल रही है. (फोटोः गेटी)

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स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि ज्वालामुखी से लोगों को खतरा बेहद कम है. आसपास कोई रहता नहीं है. रिहायशी इलाके ज्वालामुखी से दूर हैं. हालांकि, लोगों को लगातार चेतावनी दी जा रही है कि वो ज्वालामुखी के नजदीक न जाएं. किसी तरह का एडवेंचर करने का प्रयास न करें. पिछले कुछ दिनों में तीन पर्यटक जख्मी हो चुके हैं. यहां पर सिर्फ गर्म लावा और उड़ते हुए गर्म पत्थर ही खतरा नहीं है. अचानक से खतरनाक गैसों के बुलबुले फूटने का भी डर है. (फोटोः रॉयटर्स)

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आइसलैंड की प्रधानमंत्री कैटरीन जैकबस्डोटीर ने कहा है कि यहां अभी छोटे-छोटे भूकंप लगातार आ रहे हैं. इससे ऐसे लगता है कि अभी यह ज्वालामुखी शांत होने वाला नहीं है. ये भी हो सकता है कि किसी दिन ये तेजी से फट जाए. अचानक से होने वाले विस्फोट की कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकता. लेकिन हमारे वैज्ञानिक बेहद नजदीक से इस ज्वालामुखी की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं. (फोटोः रॉयटर्स)

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फागराडाल्सफाल माउंटेन (Fagradalsfjall Mountain) पर मौजूद इस ज्वालामुखी के फटते ही सोशल मीडिया पर इसकी फोटो-वीडियो वायरल हुए. इसके बाद यहां पर पर्यटकों की बाढ़ सी आ गई. कोरोना काल में पर्यटन को झटका लगा था, अब वो फिर से सुधर गया है. विमानन कंपनियां अपनी उड़ानों की शुरुआत और अंत इस ज्वालामुखी के ऊपर से उड़ाकर कर रही हैं. ताकि लोग इसे ऊपर से देख सकें. (फोटोः एपी)

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आइसलैंड को आग और बर्फ का देश कहा जाता है. यहां पर लोग ग्लेशियर, ज्वालामुखी और जॉर्ड देखने आते हैं. फिलहाल लोग इस ज्वालामुखी को 'टूरिस्ट ज्वालामुखी' कह रहे हैं. लावा का विस्फोट तेज और भयानक नहीं है. लोग इसके नजदीक सड़क से और थोड़ी ऑफरोडिंग करके पहुंच जा रहे हैं. कुछ लोग ट्रैकिंग करके भी जा रहे हैं. लोग जहरीली गैसों और लगातार आ रहे हल्के भूकंपों की परवाह भी नहीं कर रहे हैं. (फोटोः गेटी)