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Biggest Earthquake: दुनिया के सबसे बड़े भूकंप का पता चला... इससे 8 हजार KM तक आई थी सुनामी

aajtak.in
  • अटाकामा (अमेरिका),
  • 20 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 7:04 PM IST
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वैज्ञानिकों को मानव इतिहास के अब तक के सबसे बड़े भूकंप के बारे में पता चला है. चिली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डिएगो सालाजार ने इस बारे में एक रिसर्च किया.  इस नई स्टडी से पता चला है कि इस भयानक भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 9.5 थी. इस भूकंप की वजह से 8000 किलोमीटर तक सुनामी आई थी. उस समय धरती पर रह रहे इंसानों को 1000 साल तक आसपास के समुद्र तटों को छोड़ना पड़ा था. (फोटोः पिक्साबे)

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हाल ही में यह स्टडी साइंस एडवांसेस जर्नल में पब्लिश हुई है. यह भूकंप करीब 3,800 साल पहले आया था. जहां ये आया था, उसे अब उत्तरी चिली कहा जाता है. एक टेक्टोनिक प्लेट के टूटने की वजह से इस इलाके की तटरेखा (Coastline) ऊपर उठ गई थी. (फोटोः गेटी)
 

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इस भूकंप के बाद आई सुनामी इतनी शक्तिशाली थी कि इससे 66 फीट ऊंची लहरें उठी थीं. चिली से उठी ये लहरें दक्षिणी ध्रुव के पास मौजूद न्यूजीलैंड तक पहुंच गई थीं. इन लहरों के साथ तटों, पहाड़ों और समुद्र की तलहटी से निकले पत्थर हजारों किलोमीटर तक फैल गए थे. (फोटोः गेटी)

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अब तक, रिकॉर्ड किया गया सबसे बड़ा भूकंप 1960 में आया वाल्डिविया भूकंप (Valdivia earthquake) था. यह  9.4 से 9.6 के बीच की तीव्रता का था. इसने दक्षिणी चिली को हिलाकर रख दिया था. इस भूकंप में 6,000 लोग मारे गए थे. इसकी वजह से प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) में बार-बार सुनामी आई. (फोटोः पिक्साबे)

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वाल्डिविया भूकंप जिस टेक्टोनिक प्लेट के टूटने की वजह से आया, उसकी लंबाई 800 किमी थी. लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि यह नया खोजा गया भयानक भूकंप इससे कहीं ज़्यादा बड़ा था. इसमें टूटी टैक्टोनिक प्लेट की लंबाई करीब 1,000 किमी थी. (फोटोः गेटी)

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वाल्डिविया भूकंप की तरह यह प्राचीन भूकंप एक मेगाथ्रस्ट भूकंप (Megathrust Earthquake) था, जिसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली भूकंप कहा जा सकता है. ऐसे भूकंप तब आते हैं जब पृथ्वी की एक टेक्टोनिक प्लेट दूसरे के ऊपर-नीचे हो जाती है. आपस में टकराती हैं. घर्षण की वजह से दोनों प्लेटें लॉक हो जाती हैं. (फोटोः पिक्साबे)

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जिन बलों की वजह से प्लेटें आपस में टकराती हैं उनका बनना जारी रहता है. इससे तनाव इतना बढ़ जाता है कि प्लेटों का संपर्क टूट जाता है. इससे बड़ी दरार आ जाती है. इस दरार से विनाशकारी तरंगों (Seismic Waves) के रूप में ऊर्जा निकलती है. (फोटोः पिक्साबे)

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इस विशाल भूकंप के सबूत समुद्री और तटीय चीजों जैसे तट पर जमा पत्थर, कंकड़ और रेत, समुद्री चट्टानों, शेल्स और समुद्री जीवन में दिखाई देते हैं. शोधकर्ताओं को यह सबूत चिली के अटाकामा रेगिस्तान (Atacama Desert) में मिले. समुद्र से ये सब इतनी दूर किस तरह आए, इसका पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने रेडियोकार्बन डेटिंग का इस्तेमाल किया. (फोटोः गेटी)

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