देवी-देवताओं को प्रसाद में क्या चढ़ाएं..

हिंदू धर्म में उपासना करते समय भगवान के स्नान से लेकर उनको भोग लगाने तक हर चीज का महत्व है. यहां जानें प्रसाद में किस देवी-देवता को क्या पसंद है. 

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दीपल सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2016,
  • अपडेटेड 2:04 PM IST

भगवान को बिना प्रसाद चढ़ाए हर पूजा अधूरी है. जैसे हम सभी को खाने में कुछ खास चीजें अच्छी लगती हैं, उसी तरह प्रसाद में हर देवी-देवता की अलग-अलग पसंद हैं.

आइए जानें किस भगवान को भोग में क्या अर्पित करना चाहिए:

का भोग:
श्री हरि को सूजी का हलवा और पंचामृत बहुत प्रिय है. सूजी का हलवा घी में बनाएं और इसमें सूखे मेवे मिलाएं और भगवान को भोग लगाएं. हर रविवार और गुरुवार को विष्णु-लक्ष्मी मंदिर में जाकर उनको भोग लगाने से दोनों प्रसन्न होते हैं और घर में किसी भी प्रकार से धन और संपन्नता की कमी नहीं होती है. इनके भोग में तुलसी जरूर रखें.

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शिव भोग:
शिव को भांग और पंचामृत पसंद है. शिवलिंग को दूध, दही, शहद, शक्कर, घी, जल से स्नान कराकर भांग-धतूरा, इत्र, चंदन, फूल, रोली, वस्त्र अर्पित किए जाते हैं. शिवजी को रेवड़ी, चिरौंजी और मिश्री भी चढ़ाई जाती है. सावन में भोलेनाथ का व्रत रखकर उनको गुड़, चना और चिरौंजी के अलावा दूध चढ़ाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.

हनुमान जी का भोग:
हनुमान जी को हलवा, पंच मेवा, गुड़ से बने लड्डू, डंठल वाला पान और केसर भात बहुत पसंद हैं. इसके अलावा बजरंगबली को कुछ लोग इमरती भी चढ़ाते हैं. 5 मंगलवार लगातार हनुमान जी को चोला चढ़ाकर इन चीजों का भोग लगाने से, हर तरह के संकटों का समाधान होता है.

मां लक्ष्मी भोग:
लक्ष्मी जी को धन की देवी माना गया है. इन्हें प्रसन्न करने के लिए इनके प्रिय भोग को लक्ष्मी मंदिर में जाकर अर्पित करना चाहिए. लक्ष्मी जी को सफेद और पीले रंग के मिठाई, केसर-भात बहुत पसंद हैं. कम से कम 11 शुक्रवार एक लाल फूल चढ़ाकर मां लक्ष्मी उन्हें यह भोग लगाने से घर में शांति और समृद्धि रहती है. कभी धन की कमी नहीं रहती.

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मां दुर्गा भोग:
दुर्गा को शक्ति माना गया है. इन्हें खीर, मालपुए, मीठा हलवा, पूरणपोळी, केले, नारियल और मिठाई बहुत पसंद हैं. नवरात्रि के मौके पर उन्हें हर दिन इसका भोग लगाने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, मां को खासकर सभी तरह का हलवा बहुत पसंद है. यदि आप माता के भक्त हैं तो बुधवार और शुक्रवार को स्नान करके आदि शक्ति के मंदिर जाएं और उन्हें ये भोग चढ़ाएं.

देवी सरस्वती का भोग:
इन्हें ज्ञान की देवी माना गया है. को दूध, पंचामृत, दही, मक्खन, सफेद तिल के लड्डू और चावल का लावा पसंद है. मां को ये भोग किसी मंदिर में जाकर ‍अर्पित करने चाहिए, तो ज्ञान और योग्यता का विकास होगा.

गणपति का भोग:
गणेश जी को मोदक या लड्डू अच्छे लगते हैं. बप्पा को मोतीचूर के लड्डू भी पसंद हैं. शुद्ध घी से बने बेसन के लड्डू भी गणेश जी को चढ़ाए जाते हैं. इसके अलावा आप इन्हें बूंदी के लड्डू भी अर्पित कर सकते हैं. नारियल, तिल और सूजी के लड्डू भी गणपति को चढ़ाए जाते हैं.

श्री राम का भोग:
को केसर भात, खीर, धनिया का भोग आदि पसंद हैं. इसके अलावा उनको कलाकंद, बर्फी, गुलाब जामुन का भोग भी प्रिय है.

श्री कृष्ण का भोग:
को माखन और मिश्री बहुत पसंद है. इसके अलावा खीर, हलवा, पूरनपोळी, लड्डू और सैवइयां भी उनको पसंद हैं.

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मां काली और भैरवनाथ का भोग:
काली और भैरवनाथ को लगभग एक जैसा ही भोग लगता है. हलवा, पूरी और मदिरा उनके प्रिय भोग हैं. किसी अमावस्या के दिन काली या भैरव मंदिर में जाकर उनकी प्रिय वस्तुएं चढ़ाएं. इसके अलावा इमरती, जलेबी और 5 तरह की मिठाइयां भी अर्पित की जाती हैं.

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