सावन पूर्णिमा पर आखिरी सोमवार का संयोग, व्रत में जरूर करें इस मंत्र का जाप

सावन माह के सोमवार व्रत की कड़ी में पांचवें और अंतिम सोमवार का व्रत बेहद शुभ होता है. मान्यता है कि अगर आखरी सोमवार व्रत रखकर भोलेनाथ की पूजा की तो सभी सोमवारों का फल और पुण्य प्राप्त हो जाएगा.

बड़े संयोग की बात है कि आखिरी सोमवार को ही श्रावण मास की पूर्णिमा भी है.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 03 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 10:41 AM IST

  • सावन माह के सोमवार व्रत की कड़ी में पांचवें और अंतिम सोमवार का व्रत भी बेहद शुभ है.
  • आखरी सोमवार व्रत रखकर भोलेनाथ की पूजा करने से सभी सोमवारों का पुण्य प्राप्त हो जाएगा.

सावन माह में की जाने वाली शिव की उपासना और वो भी सावन के सोमवार की जाने वाली शिव भक्ति हर भक्त के जीवन में सुख लाती है. बड़े संयोग की बात है कि आखिरी सोमवार को ही श्रावण मास की पूर्णिमा भी है. सावन माह के सोमवार व्रत की कड़ी में पांचवें और अंतिम सोमवार का व्रत बेहद शुभ होता है. मान्यता है कि अगर आखरी सोमवार व्रत रखकर भोलेनाथ की पूजा की तो सभी सोमवारों का फल और पुण्य प्राप्त हो जाएगा.

धार्मिक मान्यता है कि सावन पूर्णिमा का व्रत करने से हर व्रती के सभी दु:ख, कष्ट और परेशानियों से छुटकारा मिलता है और वह सुखी, निरोगी और समृद्ध जीवन का आनंद पाता है. सावन माह के सोमवार व्रत की कड़ी में पांचवें और अंतिम सोमवार का व्रत भी बेहद शुभ है.

पढ़ें: बुध के राशि बदलते ही बना बुधादित्य योग, 6 राशियों को 15 दिन होगा फायदा

ज्योतिषविदों की माने तो सावन के पांचवें सोमवार को जो भी पूरे विधि विधान से शिव की पूजन करेगा वो शिव का विशेष आशीर्वाद पा लेगा. इस दिन पूजा करने से बच्चों की बीमारी दूर हो सकती है, दुर्घटना और अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है, सरकार से जुड़ी परेशानियों हल हो जाती हैं साथ ही भक्त को आध्यात्मिक उत्थान होता है.

कैसे करें भगवान शिव की उपासना?

सावन पूर्णिमा का व्रत रखने वालों लोगों को आज के दिन महामृत्युंजय मंत्र (ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥) का जाप जरूर करना चाहिए. इस मंत्र का जाप करने से इस व्रत में सप्त ऋषियों की पूजा की जाती है. साथ ही देवताओं, ऋषियों और पितृों के नाम का तर्पण दिया जाता है.

Read more!

RECOMMENDED