नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है. स्कंदमाता की पूजा से मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं. कुमार कार्तिकेय का नाम स्कंद भी है. उनकी माता होने के कारण मां दुर्गा के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है, स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं और वाहन सिंह है.
से क्या लाभ है
से भक्तों की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं
से परम शांति और सुख का अनुभव होता है
से कुमार कार्तिकेय की उपासना भी हो जाती है और फल मिलता है
मां की पूजा से दुख दूर होते हैं और तेज बढ़ता है
कैसे करें
सबसे पहले दीपक और धूप जलाएं
का ध्यान करें
मां को रोली, पुष्प, अक्षत अर्पित करें
दूर्गा चालीसा का पाठ करें
फल, मीठा का भोग लगाएं, प्रसाद बांटें
वंदना भारती