क्या है महिलाओं की राशि और तनाव का संबंध? इन उपायों से करें दूर

अलग-अलग राशि की महिलाओं को अलग-अलग तरह के तनाव से गुजरना पड़ता है. राशि के अनुसार कुछ उपायों को अपनाकर इसे दूर किया जा सकता है. आइए जानते हैं इन ज्योतिष उपायों के बारे में.

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तनाव का राशि से संबंध तनाव का राशि से संबंध

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:01 AM IST
  • राशि और तनाव का संबंध
  • राशि से तय होता है व्यवहार
  • तनाव दूर करने के उपाय

अगर महिलाएं न हों तो इस सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती. महिलाएं हमारे जीवन, समाज और परिवार की धुरी होती हैं. घर और समाज को बनाए रखने के क्रम में उन्हें कई तरह के तनावों से भी गुजरना पड़ता है. महिलाओं की राशि का तनाव से क्या संबंध होता है और किस तरह से आसान उपायों से इसे दूर किया जा सकता है.

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मेष राशी- इस राशि की महिलाओं के मन की चंचलता ज्यादा होती है और ये तनाव भी ज्यादा लेती हैं. इनके मन की समस्याएं आम तौर पर उम्र के 32वे वर्ष से शुरू होती हैं. इनको नियमित रूप से दूध का सेवन करना चाहिए. साथ ही सूर्य को जल अर्पित करना इनके लिए लाभकारी होता है.

वृष राशी- इस राशि की महिलाएं को छोटी-छोटी बातों पर तनाव पालने की आदत होती है. ये समस्याएं आयु के 18 वें वर्ष से दिखनी शुरू हो जाती हैं . नियमित रूप से योगासन का अभ्यास और शिव जी की उपासना इनके लिए लाभकारी होती है.

मिथुन राशी- इनको तनाव कम ही होता है. गंभीर से गंभीर बातों पर भी ये तनाव नहीं पालती. अगर कभी तनाव हुआ भी तो यह इनको रक्तचाप की समस्या दे सकता है. नियमित रूप से हरी सब्जियों का सेवन आपके लिए लाभकारी होगा.

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कर्क राशी- इस राशि की महिलाएं न केवल तनाव पालती हैं, बल्कि उसे बढ़ा चढ़ा कर समझती हैं. इनका तनाव अक्सर काल्पनिक ही होता है. सफ़ेद चन्दन लगायें और शिव जी की उपासना करें.

सिंह राशी- इन राशि की महिलाओं को तनाव कम ही होता है. अगर हुआ भी तो साहस के साथ उसका सामना करती हैं. परन्तु इनको तनाव पालने से स्नायु तंत्र की समस्या हो सकती है.   ताम्बे के पात्र से जल पीने का अभ्यास करें साथ ही सूर्योदय के पूर्व उठने का प्रयास करें.

कन्या राशी- इस राशी की महिलाओं को तनाव पालने से ज्यादा तनाव देने की आदत होती है. हालांकि इनको तनाव तभी होता है, जब धन सम्बन्धी कोई मामला हो. इनको नियमित रूप से भगवान कृष्ण की पूजा करनी चाहिए तथा काले रंग से परहेज करना चाहिए.

तुला राशी- इस राशी की महिलाएं हर चिंता को भूलकर आगे बढ़ती जाती हैं. इनको तनाव तभी होता है जब प्रेम में असफलता मिलती है. इनको नियमित रूप से दोपहर में दही का सेवन करना चाहिए और शिव जी की उपासना करनी चाहिए.

वृश्चिक राशी- ये हर छोटी बड़ी बात पर तनाव पालती हैं और बात-बात में घबरा जाती हैं. आम तौर पर आयु के 28-29वें वर्ष से ये स्थितियां शुरू हो जाती हैं. इनको सूर्य को नियमित जल अर्पित करना चाहिए साथ ही चांदी जरूर धारण करें.

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धनु राशी- इस राशी की महिलाओं को या तो बिलकुल तनाव नहीं होता या तनाव में बिलकुल अवसाद में चली जाती हैं. इनको फल का सेवन जरूर करना चाहिए साथ ही गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए.

मकर राशी- इस राशी की महिलाओं को यूं तो कोई तनाव नहीं होता परन्तु ये जरा भी परेशान होने पर दूसरों को तनाव दे डालती हैं. दूसरों को तनाव देने से बचें साथ ही सफ़ेद चन्दन का प्रयोग करें.

कुम्भ राशी- इस राशी की महिलाओं की सारी समस्या मन की ही होती है. इन्हें कल्पना की समस्या ज्यादा होती है , जिस कारण इन्हें सर दर्द होता रहता है. इनको ध्यान और योगाभ्यास करना चाहिए तथा नशे से बचना चाहिए.

मीन  राशी- इस राशी की महिलाओं का मन अत्यंत चंचल होता है. अगर तनाव हुआ भी तो बहुत देर नहीं टिकता , आता जाता रहता है. तनाव कम करने के लिए इन्हें सोमवार का उपवास रखना चाहिए.

 


 

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