वेनेजुएला के राष्ट्रपति रहे निकोलस मादुरो पत्नी समेत अमेरिका के कब्जे में हैं. सामने आया था कि अमेरिकी सेना ने उन्हें पत्नी समेत बेडरूम से निकाला और हथकड़ियां पहनाकर यूएस ले गए थे. अमेरिका मादुरो पर ड्रग तस्करी गिरोह चलाने और बड़े पैमाने पर मानवाधिकार उल्लंघन कराने के आरोप लगाता रहा है.
निकोलस मादुरो की गैरमौजूदगी में वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति रहीं डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है. इन तमाम चर्चाओं के बीच सामने आया है कि निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस का सनातन परंपरा से भी जुड़ाव रहा है. बतौर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो सनातनी प्रतीक चिह्नों को तवज्जो देते रहे हैं.
सनातनी चिह्नों के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर
वेनेजुएला की साल 2024 की एक पुरानी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है. यह वेनेजुएला की ओर से भेजे गए निमंत्रण पत्र की तस्वीर है. इस इन्विटेशन लेटर के दोनों सिरों पर 'ओम' बना हुआ है. ओम सनातन परंपरा का प्रतीक चिह्न है जो ब्रह्नांड की ध्वनि, उसकी उत्पत्ति और विकास और विनाश की निरंतरता का प्रतीक है. ओम वह वैदिक शब्द है जो हर मंत्र के पहले अनिवार्य रूप से शामिल है और अपने आप में एक पूर्ण मंत्र है.
वेनेजुएला के इन्विटेशन लेटर पर 'ओम' का होना यह बताता है कि राष्ट्रपति रहे निकोलस मादुरो सनातन के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर रखते आए हैं. जबकि वेनेजुएला एक कैथोलिक देश है. यहां की बड़ी आबादी ईसाई पंथ और परंपरा को मानती है. खुद मादुरो और उनकी पत्नी भी कैथोलिक हैं. इस देश में हिंदू आबादी 2000 से भी कम है. असल में सामने आया है कि मादुरो और उनकी पत्नी का सनातन से ये जुड़ाव भारत से आया है.
सत्य साईं बाबा के अनुयायी रहे हैं निकोलस मादुरो
बीते शनिवार को वेनेजुएला से सामने आये तमाम घटनाक्रमों के बीच राष्ट्रपति रहे मादुरो का आध्यात्मिक पक्ष भी सामने आया था. असल में कैथोलिक परिवार में पले-बढ़े मादुरो को शादी से पहले सिलिया फ्लोरेस ने भारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा से परिचित कराया था. धीरे-धीरे दोनों ही साईं बाबा के अनुयायी बन गए. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2005 में, यानी वेनेजुएला के राष्ट्रपति बनने से करीब आठ साल पहले, मादुरो और फ्लोरेस आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी स्थित प्रशांति निलयम आश्रम पहुंचे थे. यहां उन्होंने सत्य साईं बाबा से मुलाकात की थी. उस समय की एक तस्वीर में युवा मादुरो और फ्लोरेस साईं बाबा के साथ फर्श पर बैठे नजर आते हैं.
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति भी हैं सत्य साईं बाबा की अनुयायी
साल 2011 में सत्य साईं बाबा के निधन के बाद, उस समय वेनेजुएला के विदेश मंत्री रहे मादुरो ने देश की नेशनल असेंबली में आधिकारिक शोक प्रस्ताव पारित करवाने में अहम भूमिका निभाई थी. इतना ही नहीं, वेनेजुएला सरकार ने 2024 के अपने राष्ट्रीय दिवस समारोह के निमंत्रण पत्रों में ऊपर की ओर ‘ॐ’ का प्रतीक भी छापा था. रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 में सत्य साईं बाबा की जयंती पर मादुरो ने उन्हें 'प्रकाश का स्वरूप' बताते हुए श्रद्धांजलि दी थी.
वहीं बता दें कि वेनेजुएला की मौजूदा अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज का भी आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी से बड़ा कनेक्शन है. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के मुताबिक, अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज भी बाबा सत्य साईं की अनुयायी हैं. वह बीते साल आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी पहुंची थीं. पुट्टपर्थी की पहचान दुनियाभर में अध्यात्म के बड़े केंद्र के तौर पर है. यहीं पर मौजूद है अध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा का आश्रम. सत्य साईं बाबा के अनुयायी दुनियाभर में हैं. उन्हें साईं बाबा का अवतार भी बताया जाता रहा है. पूर्व क्रिकेटर और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर भी उनके प्रसिद्ध अनुयायी हैं. कई फिल्मी और राजनीतिक हस्तियां भी बाबा सत्य साईं को मानती रही हैं.
विकास पोरवाल