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धर्म

नागों की पूजा से प्रसन्न होंगे भोलेनाथ, नागपंचमी पर बरतें ये सावधानियां

सुमित कुमार/aajtak.in
  • 04 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 11:33 AM IST
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सावन महीने में शिव के प्रिय नागों की उपासना करने से जन्म-जन्मांतर के दुर्योंगों से छुटकारा मिल जाता है. भोलेनाथ नागपंचमी के दिन नागों की पूजा और सुरक्षा का संकल्प लेने से प्रसन्न होते हैं. आइए जानते हैं कि इस दिन सामान्य तौर पर कैसे पूजा-उपासना करें.

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नागपंचमी पर नागों की सामान्य पूजन
- सुबह स्नान करके भगवान शिव का ध्यान करें
- पहले भगवान शिव की पूजा करें  फिर उनके गले में लिपटे नागों की पूजा करें
- नागों को पहले हल्दी, रोली, चावल और फूल अर्पित करें
- फिर उन्हें चने, खील-बताशे और कच्चा दूध भी अर्पित करें
- घर के मुख्य द्वार पर गोबर, गेरू या मिट्टी से सांप की आकृति बनाकर उसकी भी पूजा करें
- इसके बाद "ॐ कुरु कुल्ले फट स्वाहा"  मंत्र का जाप करते हुए पूरे घर में जल छिडकें

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नाग देव का विशेष पूजन
- सुबह घर की सफाई करने के बाद नहाकर साफ कपड़े पहनें
- इसके बाद नाग देव के चित्र, प्रतिमा या आकृति की स्थापना करें
- दही, दूर्वा, कुशा, गंध, अक्षत, पुष्प, जल, कच्चे दूध, रोली और चावल से नाग देव का पूजन करें
- मीठे का भोग लगाएं और नागों के रहने के स्थान पर कटोरी में दूध और लाई रखें
- आरती करके नागपंचमी की कथा सुनें

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नागपंचमी का ये पर्व चमत्कारी है. इस दिन नागों के साथ कैलाशनाथ शिव की विशेष कृपा बरसती है. लेकिन इस दिन कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है नहीं तो नागदेव रुष्ट भी हो सकते हैं. आइए जाते हैं नारपंचमी की पूजा में बरती जाने वाली सावधानियां.

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नागपंचमी पर पूजन की सावधानियां
- बिना शिव जी की पूजा के कभी भी नागों की पूजा न करें
- नागों की स्वतंत्र पूजा न करें , उनकी पूजा शिव जी के आभूषण के रूप में ही करें
- नागपंचमी के दिन न तो भूमि खोदें और न ही साग काटें
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