New Year Gift 2026: नए साल की शुरुआत शुभ हो, यह कामना हर कोई करता है. भारतीय धर्म-संस्कृति में नए साल पर दिए जाने वाले उपहारों को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि ऊर्जा, शुभ-अशुभ संकेत और भावनाओं से जोड़कर देखा जाता है. शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ चीजें ऐसी हैं, जिन्हें नए साल पर गिफ्ट करना शुभ नहीं माना जाता. माना जाता है कि ये उपहार संबंधों, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकते हैं.(Photo: Pixabay)
कछुआ : धार्मिक मान्यता के अनुसार कछुआ भगवान विष्णु के कूर्म अवतार का प्रतीक है. शास्त्रों में कहा गया है कि कछुआ स्थिरता और धैर्य का प्रतीक है, लेकिन इसे उपहार में देना उचित नहीं माना जाता. वास्तु के अनुसार कछुए को सही दिशा और विधि से ही घर में स्थापित किया जाना चाहिए. बिना विधि या जानकारी के गिफ्ट किया गया कछुआ आर्थिक रुकावट और मानसिक अशांति का कारण बन सकता है.(Photo: Pixabay)
काला पर्स: धर्म और ज्योतिष में रंगों का विशेष महत्व है. काला रंग राहु-शनि से जुड़ा माना जाता है और इसे नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक समझा जाता है. नए साल पर काला पर्स गिफ्ट करने से धन आगमन में बाधा, खर्च बढ़ने और आर्थिक अस्थिरता की मान्यता जुड़ी है, लक्ष्मी कृपा के लिए लाल, भूरा या हरा रंग अधिक शुभ माने जाते हैं. (Photo: Pixabay)
घड़ी: धार्मिक दृष्टि से घड़ी समय के समाप्त होने का संकेत देती है. नए साल पर घड़ी गिफ्ट करना रिश्तों में दूरी, कटुता या समय की कमी का प्रतीक माना जाता है. कुछ मान्यताओं में इसे जीवन की घड़ी चलने से भी जोड़ा जाता है, इसलिए इसे उपहार के रूप में देने से बचने की सलाह दी जाती है.(Photo: Pixabay)
रुमाल: रुमाल को आंसू और विदाई से जोड़ा जाता है. धार्मिक और लोक मान्यताओं में कहा गया है कि रुमाल गिफ्ट करने से दुख, मनमुटाव और भावनात्मक दूरी बढ़ सकती है. नए साल जैसे शुभ अवसर पर ऐसी वस्तु देना नकारात्मक संकेत माना जाता है.(Photo: Pixabay)
परफ्यूम: हालांकि परफ्यूम आधुनिक समय में लोकप्रिय गिफ्ट है, लेकिन धार्मिक दृष्टि से इसे रिश्तों की अस्थिरता से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि जैसे खुशबू समय के साथ उड़ जाती है, वैसे ही संबंधों में दूरी आ सकती है. (Photo: Pixabay)