लक्ष्मीनाथ महाराज का 496वां विराट महोत्सव, 41 डिग्री तापमान में दिखी श्रद्धालुओं की आस्था

इस शोभा यात्रा में देशभर की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली. भोपाल का ढोल-मंजीरा, महाराष्ट्र के ढोल और केरल की जीवंत झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं. शिव बारात, काली माता का स्वरूप और किन्नर नृत्य ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.

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करीब पांच घंटे तक चले इस आयोजन में शहर की गलियां श्रद्धालुओं से भरी नजर आईं. (Photo: ITG) करीब पांच घंटे तक चले इस आयोजन में शहर की गलियां श्रद्धालुओं से भरी नजर आईं. (Photo: ITG)

राकेश गुर्जर

  • सीकर,
  • 03 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:19 AM IST

Shri Laxminath Maharaj Shobha Yatra: फतेहपुर में भगवान श्री लक्ष्मीनाथ महाराज के 496वें विराट महोत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई. यह आयोजन नगर के प्रमुख मार्गों पर हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए. 41 डिग्री तापमान के बावजूद कार्यक्रम में लोगों का उत्साह बना रहा. यह शोभायात्रा भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की तर्ज पर आयोजित की गई थी. श्रद्धालु घंटों पहले से सड़कों पर खड़े होकर ठाकुर जी के दर्शन का इंतजार करते नजर आए.

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पांच घंटे तक चला नगर भ्रमण
गढ़ परिसर से शुरू हुई शोभायात्रा ने पूरे शहर का भ्रमण किया. सब्जी मंडी, मुख्य बाजार, लक्ष्मीनाथ मंदिर, छोटा बाजार, नेवटिया स्कूल, ठलवा आश्रम, पुराना सिनेमा हॉल, बावड़ी गेट बस स्टैंड, आसाराम मंदिर और सिटी सेंटर मार्केट होते हुए यात्रा वापस गढ़ परिसर पहुंची. करीब पांच घंटे तक चले इस आयोजन में शहर की गलियां श्रद्धालुओं से भरी नजर आईं.

गर्मी के बावजूद नहीं टूटा उत्साह
चिलचिलाती धूप और 41 डिग्री तापमान के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी. लोग घंटों पहले से ही सड़कों के किनारे खड़े होकर ठाकुर जी के दर्शन के लिए इंतजार करते रहे. जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए पानी, जूस, छाछ और फल की व्यवस्था की गई थी. छतों और बालकनियों से पुष्प वर्षा और इत्र फुहारों ने माहौल को और भव्य बना दिया.

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झांकियों और कलाकारों ने बांधा समां
शोभायात्रा में देशभर की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली. भोपाल का ढोल-मंजीरा, महाराष्ट्र के ढोल और केरल की जीवंत झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं. शिव बारात, काली माता का स्वरूप और किन्नर नृत्य ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. ऊंट, घोड़े और बैंड-बाजों के साथ नाचते युवा और मंगल गीत गाती महिलाएं पूरे आयोजन की रौनक बढ़ा रही थीं.

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