मां दुर्गा को समर्पित चैत्र नवरात्र का महापर्व अब समापन की ओर है. 27 मार्च को नवमी पर कन्या पूजन के साथ ही चैत्र नवरात्र समाप्त हो जाएंगे. इसके बाद भक्तों को नवरात्र में देवी की उपासना के लिए करीब 7 महीने इंतजार करना होगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होंगे. इन पवित्र दिनों में माता एक बार फिर भक्तों के बीच आएंगी और उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देंगी. साल में कुल चार बार नवरात्र आते हैं. हालांकि इसमें चैत्र और अश्विन मास में आने वाले शारदीय नवरात्र में मुख्य रूप से देवी की आराधना होती है.
कब से कब तक रहेंगे शारदीय नवरात्र?
इस साल शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर दिन रविवार से शुरू होंगे और इनका समापन 20 अक्टूबर को महानवमी पर होगा.
(रविवार) 11 अक्टूबर, प्रतिपदा तिथि- घटस्थापना, मां शैलपुत्री
(सोमवार) 12 अक्टूबर, द्वितीया तिथि- मां ब्रह्मचारिणी
(मंगलवार) 13 अक्टूबर, तृतीया तिथि- मां चंद्रघंटा
(बुधवार) 14 अक्टूबर, चतुर्थी तिथि- मां कुष्मांडा
(गुरुवार) 15 अक्टूबर, पंचमी तिथि- मां स्कंदमाता
(शुक्रवार) 16 अक्टूबर, षष्ठी तिथि- मां कात्यायनी
(शनिवार) 17 अक्टूबर- सप्तमी तिथि- मां कालरात्रि
(रविवार) 18 अक्टूबर, अष्टमी तिथि- सप्तमी तिथि ही रहेगी
(सोमवार) 19 अक्टूबर, महाअष्टमी- मां महागौरी
(मंगलवार) 20 अक्टूबर, महानवमी- मां सिद्धिदात्री, व्रत का पारण, विजयदशमी
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त क्या होगा?
इस साल शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर को शुरू होंगे. इसी दिन घटस्थापना के साथ लोग व्रत-पूजा आरंभ करेंगे. पहले मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. इसके बाद आप सुबह 11 बजकर 44 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना कर सकेंगे.
शारदीय नवरात्र में किस वाहन पर आएंगी देवी?
नवरात्र के पवित्र दिनों में मां दुर्गा किसी न किसी वाहन पर सवार होकर आती हैं. और देवी का वाहन वार के हिसाब से तय होता है. चूंकि शारदीय नवरात्र रविवार से शुरू हो रहे हैं, इसलिए देवी हाथी पर सवार होकर आएंगी. माता के वाहन के बारे में देवी पुराण में विस्तार से बताया गया है.
श्लोक
शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे।
गुरौ शुक्रे चदोलायां बुधे नौका प्रकीर्त्तिता।।
देवी पुराण के अनुसार, नवरात्र जब रविवार-सोमवार से शुरू होते हैं तो देवी हाथी पर सवार होकर आती हैं. मंगलवार-शनिवार को देवी घोड़े पर सवार होकर आती हैं. गुरुवार-शुक्रवार देवी का आगमन डोली या पालकी में होता है. वहीं, बुधवार को माता नौका में बैठकर आती हैं.
देवी का हाथी वाहन क्या संकेत देता है?
नवरात्र में मां दुर्गा का हाथी पर बैठकर आना बहुत शुभ माना जाता है. यह अच्छी बारिश, ज्ञान, स्थिरता और सुख-समृद्धि के आगमन का संकेत देता है. माना जाता है कि यह उस वर्ष अच्छी फसल और उन्नति का इशारा देता है. इसलिए देवी की इस सवारी को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
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