Shani Vakri 2026 Rashifal: ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह की चाल को सबसे धीमी और प्रभावशाली माना जाता है. दूसरे ग्रहों की तरह शनिदेव भी वक्री होते हैं, लेकिन इनकी वक्री अवधि बाकी ग्रहों से काफी ज्यादा लंबी होती है. यही वजह है कि शनि की उल्टी चाल लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है. जानकारी के अनुसार, इस नए साल 2026 में भी शनि लगभग 138 दिनों तक वक्री रहेंगे. शास्त्रों के अनुसार, शनि एक वर्ष में अधिकतम 140 दिनों तक ही वक्री अवस्था में रह सकते हैं.
द्रिक पंचांग के मुताबिक, 13 जुलाई 2026 से शनि अपनी सीधी चाल छोड़कर वक्री होंगे और फिर 28 नवंबर 2026 को मार्गी होकर सामान्य गति से चलना शुरू करेंगे. ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन, न्याय, धैर्य और जीवन की कठिन परीक्षाओं का ग्रह माना गया है. वक्री अवस्था में शनि व्यक्ति के पुराने कर्मों का हिसाब और भी सख्ती से लेते हैं, इसी कारण इस समय को चुनौतीपूर्ण माना जाता है. आइए जानते हैं कि साल 2026 में वक्री शनि की चाल से कौन-सी 5 राशियां सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं.
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए वक्री शनि जिम्मेदारियों को बढ़ाने वाला समय लेकर आ सकता है. कामकाज में बार-बार रुकावटें आने से मन अशांत रह सकता है. पुराने अधूरे काम दोबारा ध्यान खींचेंगे, जिन्हें पूरा करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी. परिवार में संयम और समझदारी से काम लेना जरूरी होगा, क्योंकि छोटी-छोटी बातों पर तनाव बढ़ सकता है. करियर में धीरे-धीरे आगे बढ़ने का रास्ता खुलेगा, लेकिन धैर्य जरूरी रहेगा.
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों को यह समय खुद से सवाल करने पर मजबूर कर सकता है. आप अपने पुराने फैसलों और व्यवहार पर गंभीरता से सोचेंगे. रिश्तों में गलतफहमी की स्थिति बन सकती है, इसलिए बातचीत में सावधानी जरूरी होगी. पैसों के मामले में फिजूलखर्ची से बचना बेहतर रहेगा. यह दौर आपको जिम्मेदारी और आत्मसंयम का महत्व समझाएगा.
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए शनि की वक्री चाल काम का दबाव और मानसिक थकान बढ़ा सकती है. पहले तय किए गए लक्ष्य फिर से सामने आ सकते हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने होंगे. पढ़ाई, करियर या यात्रा से जुड़े कामों में देरी संभव है. रिश्तों में भावनाओं से ज्यादा व्यावहारिक सोच अपनानी होगी. साथ ही, तनाव से बचने के लिए सेहत का ध्यान रखना जरूरी रहेगा.
कुंभ राशि
कुंभ राशि पर शनि का प्रभाव सबसे ज्यादा माना जाता है, क्योंकि शनि इसके स्वामी ग्रह हैं. इस दौरान कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती के आखिरी चरण के साथ साथ वक्री अवस्था का भी प्रभाव रहेगा. यह समय जीवन की दिशा को लेकर गंभीर सोच लाएगा. नौकरी या व्यवसाय में अनुशासन की परीक्षा हो सकती है. काम का दबाव बढ़ सकता है. मित्रों या सहकर्मियों से मतभेद होने की आशंका है, इसलिए संयमित व्यवहार अपनाएं. आर्थिक फैसलों में जल्दबाजी करने से बचना लाभदायक रहेगा.
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए यह समय मानसिक उलझनों और असमंजस भरा हो सकता है. मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम न मिलने से निराशा आ सकती है. घर-परिवार की जिम्मेदारियां अचानक बढ़ सकती हैं, जिससे समय का सही प्रबंधन जरूरी होगा. किसी पुराने मामले को सुलझाने का मौका मिलेगा, लेकिन इसके लिए धैर्य और निरंतर प्रयास करने होंगे. रिश्तों में साफ और ईमानदार संवाद बहुत जरूरी रहेगा.
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