Shani Nakshatra Gochar 2026: न्याय देव शनि ने 20 जनवरी को दोपहर करीब सवा 12 बजे शनि ने उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश किया था. शनि इस राशि में 17 मई तक रहेंगे. इस नक्षत्र के स्वामी खुद शनि देव हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि स्वनक्षत्र में आने से शनि और भी ज्यादा पावरफुल हो गए हैं. जिन राशियों पर शनि कृपा थी, उन्हें आगे और भी लाभ होगा. लेकिन जो लोग कठिन दौर से गुजर रहे थे, उनकी चिंता डबल हो सकती है. खासतौर से साढ़ेसाती से प्रभावित जातकों को ज्यादा सावधान रहना होगा.
मेष राशि
मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण है. यह समय जीवन में नई तरह की चुनौतियां लेकर आ सकता है. नौकरी, व्यापार या रोजगार से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. मतभेद, गलतफहमी या मति भ्रम के कारण आप बहुत नुकसान उठाएंगे. इस दौरान ठगों से सावधान रहें और सोच-समझकर ही धन का उपयोग करें. शनिदेव के मंत्र ‘ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः’ का जाप करने से लाभ होगा.
कुंभ राशि
कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण है. 17 मई तक का समय आपके लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला साबित हो सकता है. इस दौरान करियर या निजी जीवन में कोई जोखिम न उठाएं. बहुत सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने काम निपटाएं. इस राशि के जातकों को आर्थिक मोर्चे पर लाभ के लिए बहुत अधिक प्रयास करना होगा. सफलता संकेतों के माध्यम से आपके सामने आ सकती है. मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें.
मीन राशि
मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. मीन राशि के लोग इस दौरान मानसिक दबाव महसूस कर सकते हैं. आपके खर्चों में तेजी आ सकती है, जिससे बैंक-बैलेंस गड़बड़ हो सकता है. स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही करना आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. रोग-बीमारियों से बहुत सतर्क रहना होगा. कुल मिलाकर यह साल संघर्ष के साथ महत्वपूर्ण सीख देने वाला साबित होगा. प्रतिदिन सूर्य देव को जल अर्पित करना लाभकारी रहेगा.
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