Shani Gochar 2027: साल 2027 में शनि बदलेंगे चाल, इन राशियों पर शुरू होगी साढ़ेसाती

Shani Gochar 2027: शनि की साढ़ेसाती साढ़े सात साल की वह अवधि है, जब शनि कुंडली के चंद्रमा से बारहवें, पहले और दूसरे भाव में गोचर करते हैं. यह समय अक्सर अनुशासन, संघर्ष और कठिन परिश्रम का होता है. मान्यता है कि इस दौरान शनि कर्मों के अनुसार फल देकर व्यक्ति का आध्यात्मिक और मानसिक विकास करते हैं.

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शनि साड़ेसाती की मार शनि साड़ेसाती की मार

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:42 AM IST

Shani Transit 2027 Effect: ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे धीमी चाल चलने वाला ग्रह माना जाता है, जो एक राशि में करीब ढाई साल तक रुकते हैं. शनि का एक राशि से दूसरी राशि में जाना न केवल व्यक्तिगत जीवन पर, बल्कि पूरे देश-दुनिया पर गहरा प्रभाव डालता है.  साल 2027 में शनि देव अपनी वर्तमान राशि बदलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे कई राशियों के समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे. 

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2027 में शनि का महागोचर: मेष में होगा प्रवेश

ग्रहों के न्यायधीश शनि देव जून 2027 में मीन राशि की अपनी यात्रा पूरी कर मेष राशि (Aries) में गोचर करेंगे.  शनि का यह राशि परिवर्तन कुछ राशियों के लिए सुनहरे दिन लेकर आएगा, तो कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय की शुरुआत हो सकती है.  मेष राशि में शनि के आने से साढ़ेसाती और ढैय्या के नए चरण शुरू होंगे. 

किन राशियों पर शुरू होगी शनि की साढ़ेसाती?
शनि के मेष राशि में जाते ही साढ़ेसाती का गणित बदल जाएगा:

वृषभ राशि (Taurus): शनि के मेष में प्रवेश करते ही वृषभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण (आरंभिक चरण) शुरू होगा. 

मेष राशि (Aries): मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का दूसरा और सबसे प्रभावशाली चरण शुरू होगा, जो मानसिक और शारीरिक संघर्ष बढ़ा सकता है.

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मीन राशि (Pisces): मीन राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का अंतिम चरण (उतरती साढ़ेसाती) शुरू होगा, जो जाते-जाते लाभ और अनुभव देकर जाएगा.

इन राशियों को मिलेगी साढ़ेसाती से मुक्ति
शनि के इस गोचर से कुंभ राशि (Aquarius) के जातकों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी.  साल 2027 में कुंभ राशि वाले साढ़ेसाती के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हो जाएंगे, जिससे उनके रुके हुए काम फिर से गति पकड़ेंगे, जीवन में स्थिरता आएगी.

शनि की ढैय्या का प्रभाव
शनि के मेष राशि में बैठने से कन्या और धनु राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव शुरू हो सकता है.  इस दौरान इन राशियों को सेहत और धन के मामले में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. वहीं, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को ढैय्या से मुक्ति मिल सकती है. 

साढ़ेसाती के दौरान क्या करें उपाय?
अगर आपकी राशि पर साढ़ेसाती या ढैय्या शुरू हो रही है, तो घबराने के बजाय शनि देव को प्रसन्न करने के ये उपाय करें:

शनिवार का दान: शनिवार को काली उड़द, काला तिल या सरसों के तेल का दान करें।

हनुमान चालीसा: नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें, क्योंकि हनुमान जी के भक्तों को शनि देव परेशान नहीं करते. 

कर्म प्रधान रहें: शनि न्याय के देवता हैं, इसलिए किसी का हक न मारें और गरीब व असहाय लोगों की मदद करें. 

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