Quote of the Day by Swami Vivekananda: भाग्य बदलने के लिए खुद को पहचानना जरूरी

Quote of the Day : ब्रह्मांड की हर शक्ति आपके भीतर है! स्वामी विवेकानंद के इस प्रेरणादायक मंत्र के साथ जानें कैसे बदलें अपना भाग्य और पहचानें अपनी असली ताकत.

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स्वामी विवेकानंद: खुद को पहचानें, ब्रह्मांड की हर शक्ति आपके भीतर है. स्वामी विवेकानंद: खुद को पहचानें, ब्रह्मांड की हर शक्ति आपके भीतर है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:30 AM IST

॥ आज का विचार: आत्म-बोध और आंतरिक शक्ति ॥
ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से ही हमारी हैं.  वो हम ही हैं जिसने अपनी आँखों पर हाथ रख लिया है और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है.
— स्वामी विवेकानंद

विचार का मतलब- 
स्वामी विवेकानंद का यह कथन वेदान्त दर्शन का सार है.  यह हमें बताता है कि मनुष्य कोई साधारण जीव नहीं, बल्कि अनंत ऊर्जा का पुंज है. अक्सर हम खुद को कमजोर, असहाय या परिस्थितियों का शिकार मान लेते हैं, लेकिन विवेकानंद जी हमें हमारी वास्तविक क्षमता की याद दिलाते हैं. 

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अपनी आँखों पर हाथ रखने का अर्थ क्या है?
यहां आंखों पर हाथ रखना हमारे भीतर के विकारों और अज्ञानता का प्रतीक है.  क्रोध, ईर्ष्या, डर और नकारात्मक सोच वे हाथ हैं, जिनसे हम अपनी आंतरिक दृष्टि को ढक लेते हैं. जब हम खुद ही अपनी आंखों को बंद कर लेते हैं, तो हमें बाहर की दुनिया डरावनी और अंधकारमय लगने लगती है.  हम ईश्वर या दूसरों से मदद की गुहार लगाते हैं, जबकि रोशनी हमारे भीतर ही मौजूद होती है. 

सफलता और आध्यात्मिकता का संगम
विवेकानंद जी कहते थे कि धर्म का अर्थ केवल प्रार्थना करना नहीं, बल्कि खुद को पहचानना है. यदि आप जीवन के किसी भी क्षेत्र में चाहे वह करियर हो या व्यक्तिगत जीवन असफल महसूस कर रहे हैं, तो रुककर यह सोचें कि क्या आपने अपनी क्षमताओं को खुद ही सीमित तो नहीं कर लिया? ब्रह्मांड की शक्तियां किसी भेदभाव के बिना सबके लिए उपलब्ध हैं, बस उन्हें ग्रहण करना जरूरी है.

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रोने से नहीं, पुरुषार्थ से बदलेगा जीवन
फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है यह पंक्ति उन लोगों पर चोट करती है जो केवल भाग्य को दोष देते हैं.  स्वामी जी का संदेश स्पष्ट है कि रोना बंद करो और अपनी आंखों से अज्ञानता की पट्टी हटाओ.  जैसे ही आप अपने भीतर के आत्मविश्वास को जगाते हैं, अंधेरा अपने आप गायब हो जाता है. आप पाएंगे कि जिस शक्ति को आप बाहर ढूंढ रहे थे, वह सदा से आपके पास ही थी. 

आज के लिए आध्यात्मिक संदेश 
आज जब आप अपने दिन की शुरुआत करें, तो किसी भी कठिन परिस्थिति के सामने घुटने न टेकें.  याद रखें कि आप उस अनंत का हिस्सा हैं. अपनी आंखों से मुझसे नहीं होगा या मेरी किस्मत खराब है जैसी पट्टी हटा लें. जैसे ही आपकी सोच सकारात्मक होगी, आपको हर समस्या का समाधान दिखाई देने लगेगा. 

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