Mahashivratri Puja Samagri List: इस वर्ष महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा. सनातन धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है. इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं. मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर सच्चे मन से की गई आराधना से भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं. भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि कुछ विशेष पूजन सामग्रियों के बिना शिव पूजा अधूरी मानी जाती है.आइए जानते हैं वे 5 जरूरी चीजें जिन्हें इस बार 15 फरवरी की शिवरात्रि पूजा में जरूर शामिल करना चाहिए.
बेलपत्र – शिव पूजा का मुख्य अर्पण
भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है. तीन पत्तियों वाला बेलपत्र त्रिदेव और त्रिशक्ति का प्रतीक माना जाता है. महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर स्वच्छ और बिना कटे-फटे बेलपत्र चढ़ाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है.
धतूरा – भोलेनाथ की प्रिय भेंट
धार्मिक मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय निकले विष को भगवान शिव ने ग्रहण किया था. इसलिए धतूरा, जो एक औषधीय और विषैला फल है, उन्हें अर्पित किया जाता है. महाशिवरात्रि पर धतूरा चढ़ाने से कष्टों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है.
लाल केसर – मंगल और सकारात्मकता का प्रतीक
केसर की सुगंध को पवित्र और शुभ माना गया है. शिव पूजा में लाल केसर अर्पित करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. शिवलिंग पर हल्का केसर तिलक करना शुभ फलदायी माना जाता है.
शमी पत्र और फूल – अटके काम में सफलता
शमी का पेड़ धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है. महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर शमी पत्र और फूल चढ़ाने से रुके हुए कार्य पूरे होते हैं.इससे मनचाहा वरदान मिलता है.
शहद – जीवन में मिठास का प्रतीक
शहद से अभिषेक करना या शिव जी को शहद अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है. इससे जीवन में मधुरता, प्रेम और पारिवारिक सुख-शांति बनी रहती है.
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