Mahabharani Shradh 2023: महाभरणी श्राद्ध आज, जानें इस दिन किन पितरों का किया जाता है तर्पण

Mahabharani Shradh 2023: भरणी नक्षत्र होने के कारण 2 अक्टूबर यानी आज के श्राद्ध को भरणी श्राद्ध कहा जाता है. यमराज को भरणी नक्षत्र का देवता माना जाता है. यमराज को भरणी का देवता मानने के कारण महाभरणी श्राद्ध की महत्ता बढ़ जाती है. आमतौर पर आश्विन मास के पितृपक्ष में चतुर्थी अथवा पंचमी को ही भरणी नक्षत्र आता है.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 6:30 AM IST

Maha bharani Shradh 2023: पितृ पक्ष की शुरुआत 29 सितंबर से हो चुकी है और इनका समापन 14 अक्टूबर को होगा. पितृ पक्ष में आने वाला महा भरणी श्राद्ध 2 अक्टूबर यानी आज किया जाएगा. पितृ पक्ष के दौरान आने वाले भरणी नक्षत्र में ये श्राद्ध होने से इसे महाभरणी श्राद्ध कहा जाता है. ग्रंथों में कहा गया है कि भरणी श्राद्ध का फल गया तीर्थ में किए गए श्राद्ध के समान ही है.

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इसीलिए इस शुभ संयोग पर जरूर श्राद्ध करना चाहिए. इसके अलावा माना जाता है कि भरणी नक्षत्र के संयोग में चतुर्थी या पंचमी तिथि को पैतृक संस्कार करना बहुत ही खास होता है. महालया के दौरान ये दिन सबसे खास माना गया है.

इस पितरों का किया जाता है श्राद्ध

किसी भी परिजन की मृत्यु के एक साल बाद भरणी श्राद्ध करना जरूरी है. अविवाहित मरने वाले लोगों का श्राद्ध पंचमी तिथि में करते हैं और उस दिन भरणी नक्षत्र हो तो और भी अच्छा होता है. इसके अतिरिक्त जो अपने जीवनकाल में तीर्थ यात्रा नहीं करता है, उसके लिए गया, पुष्कर आदि में भरणी श्राद्ध करना होता है, ताकि उसे मोक्ष प्राप्त हो सके.

भरणी नक्षत्र के स्वामी हैं यम

पितरों के पर्व में भरणी श्राद्ध को बहुत खास माना गया है. अग्नि और गरुड़ पुराण के मुताबिक इस दिन पितरों के लिए श्राद्ध करने से उन्हें तीर्थ श्राद्ध का फल और सद्गति मिलती है. भरणी नक्षत्र में किए गए श्राद्ध से यम प्रसन्न होते हैं. इससे पितरों पर यम की कृपा रहती है.

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भरणी श्राद्ध का समय

जिस तरह कोई भी श्राद्ध कुतुप वेला और अपराह्न काल में किया जाता है. वैसे ही भरणी श्राद्ध भी इन्हीं मुहूर्त में करना चाहिए. ये शुभ समय दिन का आठवां मुहूर्त होता है. जो कि 48 मिनट का होता है. 2 अक्टूबर यानी आज ये शुभ समय 11 बजकर 47 मिनट से लेकर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा. आज भरणी नक्षत्र कल शाम 7 बजकर 27 मिनट से शुरू हो चुका है और इसका समापन 2 अक्टूबर यानी आज शाम 6 बजकर 24 मिनट पर होगा. महाभरणी श्राद्ध के दिन किए गए पिंडदान का भी विशेष महत्व है. 

महाभरणी श्राद्ध से कितने श्राद्ध बाकी?

03 अक्टूबर 2023, मंगलवार पंचमी श्राद्ध 
04 अक्टूबर 2023, बुधवार षष्ठी श्राद्ध 
05 अक्टूबर 2023, गुरुवार सप्तमी श्राद्ध 
06 अक्टूबर 2023, शुक्रवार अष्टमी श्राद्ध 
07 अक्टूबर 2023, शनिवार नवमी श्राद्ध 
08 अक्टूबर 2023, रविवार दशमी श्राद्ध 
09 अक्टूबर 2023, सोमवार एकादशी श्राद्ध 
10 अक्टूबर 2023, मंगलवार मघा श्राद्ध 
11 अक्टूबर 2023, बुधवार द्वादशी श्राद्ध 
12 अक्टूबर 2023, गुरुवार त्रयोदशी श्राद्ध 
13 अक्टूबर 2023, शुक्रवार चतुर्दशी श्राद्ध 
14 अक्टूबर 2023, शनिवार सर्व पितृ अमावस्या

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