Maha Shivratri 2026: इन दुर्लभ संयोगों में मनाई जाएगी महाशिवरात्रि, जानें जलाभिषेक से लेकर पूजा का शुभ मुहूर्त

Maha Shivratri 2026: सनातन धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है. देवों के देव महादेव की पूजा के लिए महाशिवरात्रि का दिन खास माना जाता है. इस दिन मंदिरों में शिव भक्तों का तांता लग जाता है. लोग शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं. इस दिन भक्तजन रात में भगवान शिव और माता पार्वती का जागरण करते हैं और उनका ध्यान करते हैं. माना जाता है कि शिवरात्रि के दिन महादेव का प्राकट्य हुआ था.

Advertisement
महाशिवरात्रि पर 300 वर्ष बाद एक दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है. (Photo: ITG) महाशिवरात्रि पर 300 वर्ष बाद एक दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:16 AM IST

Maha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है, जिसका भक्त पूरे साल इंतजार करते हैं. साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी. इस बार तिथि को लेकर कुछ लोगों के मन में भ्रम था कि व्रत 15 को रखा जाए या 16 फरवरी को, लेकिन शास्त्रों के अनुसार 15 फरवरी को ही पर्व मनाना उचित रहेगा. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस बार 15 फरवरी शाम 5 बजकर 5 मिनट बजे से शुरू होकर 16 फरवरी शाम 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगी. चूंकि, निशीथकाल (मध्य रात्रि) में चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की रात को ही रहेगी, इसलिए इसी दिन महाशिवरात्रि मनाना शास्त्रसम्मत है.

Advertisement

महाशिवरात्रि पर पूजा का सही समय क्या है? (Maha Shivratri 2026 Pujan Muhurat)

अगर आप मंदिर में जलाभिषेक करने जा रहे हैं तो दिन में किसी भी समय जा सकते हैं. लेकिन यदि रुद्राभिषेक करना चाहते हैं तो रात्रि का समय सबसे उत्तम माना गया है.

प्रथम पहर: शाम 7 बजे से 9 बजे तक
द्वितीय पहर: रात 10 बजे से 12 बजे तक
तृतीय पहर: रात 1 बजे से 3 बजे तक
चतुर्थ पहर: सुबह 4 बजे से 6 बजे तक

यदि चारों पहर संभव न हो, तो कम से कम एक पहर में रुद्राभिषेक अवश्य करें.

महाशिवरात्रि 2026 शुभ संयोग (Maha Shivratri 2026 Shubh Sanyog)

महाशिवरात्रि इस बार बहुत ही विशेष मानी जा रही है. दरअसल इस दिन शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग, शोभन योग, साध्य योग, शुक्ल योग, ध्रुव योग, व्यतिपात और वरियान योग का भी प्रभाव बना रहेगा.

Advertisement

महाशिवरात्रि 2026 जलाभिषेक शुभ मुहूर्त (Maha Shivratri 2026 Jalabhishek Muhurat)

इस बार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए दिनभर कई शुभ मुहूर्त मिलेंग, जिनमें भक्त पूजा-अर्चना कर सकते हैं. पहला मुहूर्त सुबह 8 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा. इसके बाद दूसरा मुहूर्त सुबह 9 बजकर 48 मिनट से 11 बजकर 11 मिनट तक का रहेगा. 

तीसरा मुहूर्त अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त रहेगा, जो सुबह 11 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक का रहेगा, जिसमें जल चढ़ाना अत्यंत फलदायी रहेगा. जो श्रद्धालु शाम को पूजा करना चाहते हैं, वे 6 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट के बीच अभिषेक कर सकते हैं. इन सभी मुहूर्तों में श्रद्धा और सच्चे मन से शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है.

रुद्राभिषेक में क्या चढ़ाएं?

भगवान शिव को जल, गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, शमी पत्र, भस्म, चंदन और मौसमी फल अर्पित किए जाते हैं. कई लोग पार्थिव शिवलिंग बनाकर भी अभिषेक करते हैं. शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि जल हमारे भावों को धारण करता है. जब हम सच्चे मन से जल अर्पित करते हैं, तो हमारे मन की सकारात्मक ऊर्जा भी ईश्वर तक पहुंचती है और नकारात्मकता धीरे-धीरे कम होने लगती है.

Advertisement

महाशिवरात्रि पर जरूर करें ये उपाय

धन की कमी दूर करने का उपाय

अगर जीवन में आर्थिक परेशानी है, आय कम है या मेहनत के अनुसार फल नहीं मिल रहा, तो महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखें. सुबह स्नान के बाद शिव मंदिर जाकर गंगाजल से अभिषेक करें. ''ऊं नमः शिवाय'' मंत्र का जाप करते हुए 11 बेलपत्र चढ़ाएं. दिन भर श्रद्धा से व्रत रखें. शाम को रुद्राभिषेक कराएं और कम से कम 11 माला ''ऊं नमः शिवाय'' मंत्र का जाप करें. नियमित रूप से मंत्र जाप जारी रखने से धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है.

तनाव और डिप्रेशन दूर करने का उपाय

अगर मन में तनाव, नकारात्मकता या बेचैनी रहती है, तो महाशिवरात्रि पर गंगाजल और कच्चे दूध से अभिषेक करें. 11 बेलपत्र अर्पित करें और प्रतिदिन 108 बार ''ऊं नमः शिवाय'' का जाप शुरू करें. नियमित मंत्र जाप से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक सोच विकसित होती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement