Maha Shivratri 2026: कुंभ सहित इन 5 राशियों पर शनि भारी! महाशिवरात्रि पर ये एक काम करने से मिलेगी राहत

इस वक्त शनि देव मीन राशि में बैठे हैं. ऐसे में कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा, मीन पर दूसरा और मेष पर पहला चरण चल रहा है. वहीं, सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है. ढैय्या या साढ़ेसाती से राहत के लिए महाशिवरात्रि पर कुछ दिव्य उपाय जरूर करें.

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महाशिवरात्रि पर कुछ विशेष उपाय कर शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती से भी राहत पाई जा सकती है. महाशिवरात्रि पर कुछ विशेष उपाय कर शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती से भी राहत पाई जा सकती है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:52 PM IST

फाल्गुन की महाशिवरात्र का त्योहार इस साल 15 फरवरी को मनाया जाएगा. यह दिन भगवान शिव के भक्तों को अत्यंत प्रिय है. इस दिन महादेव के भक्त विधिवत व्रत-उपासना करते हैं. शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं और बेलपत्र, भांग, धतूरा और रुद्राक्ष आदि अर्पित करते हैं. क्या आप जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर कुछ विशेष उपाय कर शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती से भी राहत पाई जा सकती है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

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हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वक्त शनि देव मीन राशि में बैठे हैं. ऐसे में कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का तीसरा, मीन पर दूसरा और मेष पर पहला चरण चल रहा है. वहीं, सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या चल रही है. अगर इस राशि के जातक ढैय्या या साढ़ेसाती के प्रभाव से राहत पाना चाहते हैं तो आने वाली महाशिवरात्रि पर कुछ दिव्य उपाय जरूर करें.

महाउपाय

1. महाशिवरात्रि पर शिवलिंग जल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें. इसके बाद ढैय्या या साढ़ेसाती से परेशान लोग शिवलिंग पर काले तिल मिले जल से अभिषेक करें. यह उपाय शनि दोष को शांत करता है.

2. प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करें और महामृत्युंजय मंत्र या ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें. इस दिन आप ॐ शं शनैश्चराय नमः का भी 108 बार जाप कर सकते हैं. यह उपाय उपाय भी शनि से जुड़ी समस्याओं को दूर कर सकता है.

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3. महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा के बाद गरीबों और जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें. इस दिन आप उड़द की दाल, काले तिल और सरसों के तेल या खाने की चीजें दान में दे सकते हैं. गरीबों की सहायता करने वालों पर शनि की कृपा बनी रहत है.

4. महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर श्री रुद्राष्टकम का पाठ करने से भी साढ़ेसाती या ढैय्या के प्रभाव को कम किया जा सकता है. इस पाठ को कम करने के बाद भगवान शिव से जीवन में सुख-शांति की कामना करें.

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