Maha Shivratri 2026: 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यह उत्सव आता है. शिवपुराण में वर्णन मिलता है कि जब ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ, तब भगवान शिव अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए और दोनों का अहंकार शांत किया. उसी दिव्य घटना की स्मृति में महाशिवरात्रि मनाई जाती है.
महाशिवरात्रि 2026 शुभ संयोग (Maha Shivratri 2026 Shubh Sanyog)
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 5 बजकर 06 मिनट से शुरू होकर 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगी. ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार महाशिवरात्रि बहुत ही विशेष रहने वाली है. जिसका मुहूर्त सुबह 7 बजकर 8 मिनट से शाम 7 बजकर 48 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा, जिसे ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्य सफल होते हैं और रुकी हुई योजनाओं को गति मिलती है.
इस दिन उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र का संयोग रहेगा, जबकि व्यतिपात योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा. कुंभ राशि में सूर्य, बुध, राहु और शुक्र की स्थिति चतुर्ग्रही योग का निर्माण करेगी, जिससे इस दिन की महत्वता ओर बढ़ जाएगी. तो आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि से किन राशियों का अच्छा टाइम शुरू होगा. कुछ राशियों के लिए यह महाशिवरात्रि खास मानी जा रही है-
मेष
महाशिवरात्रि से मेष राशि के लोगों को करियर में नई जिम्मेदारी या पदोन्नति के संकेत मिल सकते हैं. आत्मविश्वास बढ़ेगा. पुराने अटके काम पूरे होने की संभावना रहेगी.
कन्या
कन्या राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. निवेश या नौकरी से जुड़े फैसले लाभ दे सकते हैं. परिवार में सुखद समाचार मिल सकता है.
मकर
मकर राशि के जातकों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा. कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ेगी और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा. विवाह योग्य लोगों के लिए अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं.
कुंभ
महाशिवरात्रि का समय कुंभ राशि वालों को विशेष उन्नति का संकेत दे रहा है. धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं. नई योजनाओं की शुरुआत सफल रह सकती है. आत्मिक शांति भी अनुभव होगी.
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