Magh Purnima 2026 Rashifal: इस साल माघ पूर्णिमा 1 फरवरी, रविवार को पड़ रही है. पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कला से परिपूर्ण होता है. ज्योतिष में चंद्रमा को मन और भावनाओं से जोड़ा जाता है, इसलिए माघ पूर्णिमा पर लोगों के मन में अस्थिरता, बेचैनी या भावनात्मक उतार-चढ़ाव महसूस हो सकता है. इस दौरान सोच-समझकर बोलना और फैसले लेना जरूरी होता है. खास तौर पर 4 राशियों के जातकों को इस दिन ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि आर्थिक, करियर और सेहत से जुड़ी परेशानियां सामने आ सकती हैं. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
वृषभ राशि
माघ पूर्णिमा पर वृषभ राशि वालों को आर्थिक स्थिति परेशान कर सकती है. मन अस्थिर रह सकता है. इस दिन भावनाओं में बहकर कोई फैसला न लें. पैसों से जुड़ा कोई भी रिस्क लेने से बचें. अपने काम की बातें हर किसी से शेयर न करें. ऐसे में खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखें. ज्यादा भावुक होने से शारीरिक थकान या तनाव बढ़ सकता है. किसी पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना नुकसान दे सकता है. पार्टनरशिप या दोस्ती में काम करने से पहले सामने वाले को ठीक से समझना जरूरी है, वरना नुकसान हो सकता है.
कर्क राशि
कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, इसलिए माघ पूर्णिमा का असर इस राशि पर सबसे ज्यादा रहेगा. इस दिन गुस्से पर काबू रखना बहुत जरूरी है. किसी से भी बहस से बचें और शब्दों का चयन सोच-समझकर करें. दूसरों की बातों को दिल पर न लें. खुद के विकास पर ध्यान दें. आत्मविश्वास बनाए रखें. इस समय निवेश या पैसों से जुड़े बड़े जोखिम लेने से दूरी बनाकर रखें. निवेश या लेन-देन से जुड़े मामलों में भी सतर्क रहें. मन को शांत रखने के लिए ध्यान या पूजा का सहारा लें.
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए यह दिन रिश्तों के लिहाज से थोड़ा नाजुक हो सकता है. प्रेम संबंध या वैवाहिक जीवन में गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं. छोटी-छोटी बातों पर बहस बढ़ सकती है, जिससे रिश्तों में तनाव आ सकता है. अगर कोई पुराना कानूनी मामला चल रहा है, तो उसमें चिंता बढ़ सकती है. जो लोग अविवाहित हैं, उन्हें शादी को लेकर दबाव या बेचैनी महसूस हो सकती है. गलत संगत से दूरी रखें.
मीन राशि
मीन राशि वालों को माघ पूर्णिमा पर निजी और पेशेवर जीवन दोनों में संतुलन बनाकर चलना होगा. पार्टनर के साथ ऐसा व्यवहार न करें जिससे नाराजगी बढ़े. रिश्ते में संवाद की कमी तनाव का कारण बन सकती है. मन में बेचैनी और चिड़चिड़ापन रह सकता है. कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों के व्यवहार से निराशा हो सकती है. ऑफिस की अफवाहों से दूर रहें. छोटी बात को बड़ा मुद्दा न बनाएं. किसी पुराने विवाद या कानूनी मामले को लेकर भी तनाव बढ़ सकता है.
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