Magh Purnima 2026: इस साल माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को पड़ रही है. कहते हैं कि माघ पूर्णिमा पर स्नान-दान करने से शीघ्र ही व्यक्ति की समस्याओं का निवारण हो जाता है. इस दिन पवित्र नदियों, सरोवरों में आस्था की डुबकी लगाने से इंसान के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और उन्हें पुण्य कर्म की प्राप्ति होगी. इस साल चार दुर्लभ संयोग माघ पूर्णिमा को खास भी बना रहे हैं. आइए वो चार बातें जानते हैं जो इस साल माघ पूर्णिमा को खास बना रही हैं.
1. माघ पूर्णिमा रविवार के दिन पड़ रही है. रविवार सूर्य देव को समर्पित दिन है और इस समय सूर्य उत्तरायण भी है. उत्तरायण को देवताओं के दिन माना जाता है. इस शुभ अवधि में दान-धर्म के कार्य करने वालों पर ईश्वर की विशेष कृपा बनी रहती है. धार्मिक मान्यता है कि उत्तरायण काल में दान, स्नान और पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है. ऐसे में रविवार और उत्तरायण का संयोग माघ पूर्णिमा को अत्यंत पावन बना रहा है.
2. माघ पूर्णिमा पर सूर्य पुत्र शनि की राशि मकर में चतुर्ग्रही योग भी बन रहा है. इस दिन मकर राशि में सूर्य के साथ मंगल, बुध और शुक्र विराजमान रहने वाले हैं. मकर राशि चार ग्रहों का एकत्र होना विशेष प्रभाव डाल सकता है. यह दुर्लभ संयोग जातकों में साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार ला सकता है.
3. इस साल माघ पूर्णिमा पर सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी होने वाला है. शास्त्रों में सर्वार्थ सिद्धि योग को अत्यंत शुभ योग माना गया है. इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है. इसलिए सर्वार्थ सिद्धि योग में नया काम, धार्मिक अनुष्ठान या महत्वपूर्ण निर्णय लेना बहुत उत्तम माना जाता है.
4. माघ पूर्णिमा के दिन शुक्र ग्रह का उदय हो रहा है. शुक्र को धन, वैभव, सुख-सुविधा और ऐश्वर्य का कारक ग्रह माना जाता है. शुक्र के उदयवान होने से आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा. रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी. भौतिक सुखों में वृद्धि होगी. शुक्र देव 12 अक्टूबर तक उदयवान अवस्था में ही रहने वाले हैं.
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