Kharmas 2022: इस तारीख से शुरू हो रहा है खरमास, एक महीने तक रुक जाएंगे सारे मांगलिक कार्य

Kharmas 2022: 16 दिसंबर 2022 से खरमास शुरू होने जा रहे हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय सभी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है. खरमास का दूसरा नाम मलमास कहलाता है. ऐसा माना जाता है कि सूर्य का धनु राशि में प्रवेश अशुभ योग बनाता है जिसे खरमास कहा जाता है. आइए जानते हैं कि खरमास के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.

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खरमास खरमास

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:14 AM IST

Kharmas 2022: सनातन धर्म में खरमास को खराब मास और शुभ कार्यों के लिए अनुचित समय माना जाता है. इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं क्योंकि ग्रहों और नक्षत्रों की धरती से दूरी होती है. खरमास का दूसरा नाम मलमास कहलाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, खरमास के समय सूर्य की चाल धीमी होती है, इसलिए इस समय कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है. लेकिन, इस समय कोई भी धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं जैसे पूजा पाठ, मंत्र साधना आदि. इस बार खरमास की शुरुआत 16 दिसंबर 2022 से हो रही है और इसका समापन 14 जनवरी 2023 को होगा. 

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धर्म ग्रंथों के मुताबिक, सूर्य जब धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो उस समय सूर्य की गति कम हो जाती है. सूर्य की इस गति का असर हमारे जीवन पर भी पड़ता है. इसलिए, खरमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए. इस समय अगर आपकी कुंडली में कोई भी दोष है तो आप उसके लिए पूजा पाठ करवा सकते हैं. अगर आप तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं तो खरमास के समय तांबे का इस्तेमाल करना भी वर्जित माना जाता है. इस समय दान पुण्य करना सबसे शुभ माना जाता है. 

खरमास में कौन से कार्य करने चाहिए

1. कुंडली में सूर्य को मजबूत करने के लिए सूर्य देवता को अर्घ्य जरूर दें. इसके साथ ही सूर्य के मंत्रों का जप करें. जैसे- ऊं सूर्याय नम:, ऊं घृणि सूर्याय नम:. 

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2. इसके साथ ही कुंडली में सूर्य को बल देने के लिए सूर्य देवता के आदित्यहृदय स्त्रोत का पाठ भी किया जा सकता है. 

3. इस समय लक्ष्मी नारायण का पाठ भी करना चाहिए. उनके मंत्रों का जप करना चाहिए. 

4. इस समय सबसे ज्यादा दान पुण्य का कार्य करें. उससे सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी. 

5. खरमास के दौरान पीपल पेड़ की आराधना करना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यताओं के मुताबिक, इस पेड़ पर देवताओं का वास होता है इसलिए इसकी पूजा करने से कष्ट दूर होते हैं. 

6. खरमास के दौरान तुलसी पर जल अर्पित करें. शाम में दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है. माना जाता है की ऐसा करने से दुख का निवारण होता है. पूजा करते वक्त "ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः" का जाप करें. 

खरमास में कौन से कार्य नहीं करने चाहिए
 
1.
सुखी वैवाहिक जीवन के लिए खरमास के दौरान विवाह और सगाई की रस्म ना करें.

2. इस दौरान जनेऊ, गृह प्रवेश, लग्न, मुंडन और अन्य मंगल कार्यों पर भी रोक होती है.

3. इस माह में कोई भी कारोबार शुरू करने से खर्च बढ़ जाता है और कर्ज बढ़ने की संभावनाएं भी होती है.

4. इसके साथ ही खरमास में नया घर नहीं खरीदना चाहिए और नए घर को बनवाना चाहिए.  

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5. इस महीने धार्मिक अनुष्ठान न करें. हर रोज किये जाने वाले अनुष्ठान कर सकते हैं. 

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