माघ महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है. यह तिथि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और निष्ठा से की गई कृष्ण उपासना से व्यक्ति के पूर्व जन्मों के पाप और नकारात्मक कर्म नष्ट होते हैं. इस दिन जो भक्त प्रेम भाव से श्रीकृष्ण का स्मरण, नाम-जप या ध्यान करता है, उसके जीवन के कष्ट भगवान वासुदेव स्वयं हर लेते हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जया एकादशी पर की गई आराधना से मनोकामनाओं की पूर्ति और विशेष कृपा प्राप्त होती है.
जया एकादशी की तिथि
पंचांग के अनुसार, माघ शुक्ल एकादशी 28 जनवरी को शाम 4 बजकर 34 मिनट से प्रारंभ होकर 29 जनवरी को दोपहर 1 बजकर 56 मिनट तक रहेगी. ऐसे में जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी दिन गुरुवार को रखा जाएगा.
जया एकादशी व्रत के नियम
जया एकादशी का व्रत दो प्रकार से किया जाता है- निर्जला और फलाहारी. स्वस्थ व्यक्ति को ही निर्जला उपवास करना चाहिए. जबकि सामान्य या अस्वस्थ लोगों के लिए फलाहारी व्रत अधिक उपयुक्त माना गया है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विशेष फल देने वाली मानी जाती है. व्रत में फल, पंचामृत आदि का भोग लगाया जाता है और दिनभर केवल जल व फल का सेवन करना श्रेष्ठ माना गया है.
जया एकादशी पर ग्रह शांति के उपाय
ग्रहों की शांति के लिए पूर्व दिशा में एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु का चित्र या प्रतिमा स्थापित करें. धूप-दीप प्रज्वलित करें और कलश की स्थापना करें. इसके बाद वस्त्र, फल, फूल, पान और सुपारी अर्पित करें. दाहिने हाथ में जल लेकर पीड़ित ग्रहों की शांति की प्रार्थना करें. संध्या समय जया एकादशी की व्रत कथा का श्रवण करें और फलाहार ग्रहण करें. रात में संभव हो तो भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण के किसी मंत्र का जाप अवश्य करें. सच्चे मन और श्रद्धा से किए गए इन उपायों से श्रीकृष्ण की कृपा अवश्य प्राप्त होती है.
जया एकादशी पर क्या करें और क्या न करें?
इस दिन जरूरतमंदों की सहायता करने का संकल्प लें. पीपल और केले के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाना शुभ माना जाता है. तामसिक भोजन, नकारात्मक विचार और अनुचित व्यवहार से दूरी बनाए रखें तथा मन को अधिक से अधिक भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लगाएं. यदि स्वास्थ्य ठीक न हो तो उपवास न रखें, केवल व्रत के नियमों का पालन करें. इन बातों का ध्यान रखकर जया एकादशी के पुण्य फल और इसके विशेष लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं, जिससे जीवन के अनेक कष्टों से मुक्ति मिलती है.
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