Holi 2026 Upay : आज होली है और उत्साह अपने चरम पर है. चारों ओर रंग, हंसी और अपनों का साथ इस दिन को खास बना रहा है. आज जब आप एक-दूसरे को गुलाल लगाएंगे, तो याद रखिए , यह सिर्फ खुशी जताने का तरीका नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है. परंपराओं के अनुसार, हर रंग का अपना महत्व होता है. ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, सही दिशा में सही रंग का प्रयोग करके आप खुशियों के साथ-साथ सुख-समृद्धि और शांति का भी स्वागत कर सकते हैं.
कोनों में गुलाल छिड़कने का महत्व
वास्तु कहता है कि घर के कोनों में अक्सर नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) रुक जाती है, जिससे काम बिगड़ने लगते हैं या घर में कलह होती है. होली के दिन इन कोनों में गुलाल छिड़कने से वह पुरानी ऊर्जा खत्म हो जाती है .
रंगों के आसान उपाय
1. पैसों की किल्लत दूर करने के लिए (पीला गुलाल)
अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो होली के दिन घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व कोना) में थोड़ा सा पीला गुलाल छिड़कें. पीला रंग भगवान विष्णु का प्रतीक है . यह दिशा देवताओं की मानी जाती है. ऐसा करने से पैसों की तंगी दूर होती है . आय के नए स्रोत बनते हैं.
2. बीमारी और बाधाओं से बचने के लिए (लाल गुलाल)
लाल रंग ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है. अगर आपको लगता है कि घर को किसी की नजर लग गई है या कोई बार-बार बीमार हो रहा है, तो घर के मुख्य दरवाजे (Main Gate) के दोनों तरफ लाल गुलाल से 'स्वास्तिक' का चिन्ह बनाएं. यह मां लक्ष्मी के स्वागत का संकेत है . घर में सुरक्षा कवच की तरह काम करता है.
3. तनाव कम करने और शांति के लिए (हरा और नीला गुलाल)
हरा रंग: अगर घर के लोगों में आपस में बात-बात पर झगड़ा होता है, तो उत्तर दिशा में थोड़ा हरा गुलाल डालें. यह आपसी बातचीत और प्रेम को बढ़ाता है.
नीला रंग: अगर मन अशांत रहता है या बहुत ज्यादा चिंता होती है, तो घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में हल्का नीला गुलाल छिड़कें. इससे मन को शांति मिलती है और मानसिक तनाव कम होता है.
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