Hindu Dharam: पूजा के दौरान मिलते हैं ये संकेत! जानें भगवान क्या देना चाहते हैं इशारा

Hindu Dharam: पूजा के दौरान मिलने वाले संकेत आपकी आस्था और मन की स्थिति को दर्शाते हैं. इन्हें समझना जरूरी है, लेकिन इन पर पूरी तरह निर्भर रहना सही नहीं. असली महत्व आपके कर्म, श्रद्धा और सकारात्मक सोच का होता है. अगर मन सच्चा हो, तो हर पूजा अपने आप सफल मानी जाती है.

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पूजा के संकेत (Photo: ITG) पूजा के संकेत (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:43 AM IST

Hindu Dharam: सनातन परंपरा में पूजा-पाठ को ईश्वर से जुड़ने का सबसे आसान माध्यम माना जाता है. हर दिन लाखों लोग घरों और मंदिरों में पूजा करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि पूजा के दौरान कुछ खास संकेत भी मिलते हैं? ये संकेत कब, क्यों और कैसे मिलते हैं, इसका जिक्र धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है. माना जाता है कि ये इशारे बताते हैं कि आपकी पूजा स्वीकार हो रही है या नहीं. कुछ संकेत बेहद शुभ माने जाते हैं, तो कुछ सावधान रहने का इशारा देते हैं. आइए जानते हैं ऐसे ही संकेतों का अर्थ और उनके पीछे की मान्यता.

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1. हाथ का जलना

शास्त्रों के अनुसार, अगर पूजा करते समय हाथ जल जाए तो इसका अर्थ है कि पूजा के दौरान आपसे कोई गलती हुई है. 

2. आंसू आना

अगर पूजा करते समय आंख से आंसू आ जाए तो इसका मतलब है कि जो दुख है, वह अब जल्द ही समाप्त होने वाला है. 

3. जम्हाई लेना

पूजा के दौरान जम्हाई आने का अर्थ ये है कि उसका ध्यान पूजा में ना होकर कहीं और ही है. शास्त्रों में इस तरह की पूजा पाठ को स्वीकार नहीं किया जाता है. 

4. छींक आना

पूजा के दौरान अगर छींक आ जाए तो समझें कि आपके किसी काम में बाधा आने वाली है. 

5. रोना

पूजा के समय रोना आने का अर्थ है कि आपके अंदर जो दुख और दर्द है, वह आप किसी ओर के सामने नहीं कह सकते हैं. 

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6. दीपक बुझना

दीपक बुझने का अर्थ है कि आपने पूरे मन से पूजा नहीं की या देवी-देवता आपसे नाराज हैं. 

7. धूप या अगरबत्ती की खुशबू फैलना

पूजा के दौरान अचानक चारों ओर सुगंध महसूस होना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि यह सकारात्मक ऊर्जा और दिव्यता की मौजूदगी का संकेत होता है.

क्या हर संकेत का मतलब सच होता है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये संकेत आस्था से संबंधित होते हैं. कई बार यह व्यक्ति की मानसिक स्थिति और माहौल का असर भी हो सकता है. इसलिए इन्हें अंधविश्वास की तरह नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच के साथ समझना चाहिए.

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