Vastu Niyam: कार में इन मूर्तियों को रखना पड़ सकता है भारी, वास्तु का ये नियम देता है चेतावनी

Vastu Niyam: वास्तु शास्त्र के अनुसार कार में सही दिशा, साफ-सफाई और उचित मूर्ति का होना जरूरी है. इससे यात्रा सुरक्षित रहती है, मन एकाग्र रहता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.

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ध्यान में बैठी गणेश जी की मूर्ति क्यों नहीं रखनी चाहिए ? ध्यान में बैठी गणेश जी की मूर्ति क्यों नहीं रखनी चाहिए ?

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:02 AM IST

Vastu Niyam:  आजकल ज़्यादातर लोग अपनी कार में भगवान की मूर्ति या तस्वीर जरूर रखते हैं.  ऐसा माना जाता है कि इससे सफर सुरक्षित रहता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. खासतौर पर गणेश जी, शिव जी या किसी अन्य देवी-देवता की मूर्ति लोग डैशबोर्ड पर लगाना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कार में हर तरह की मूर्ति या तस्वीर रखना सही नहीं होता? वास्तु शास्त्र और विशेषज्ञों के अनुसार, गलत मुद्रा की मूर्ति न सिर्फ ध्यान भटकाती है बल्कि ड्राइविंग के दौरान जोखिम भी बढ़ा सकती है.

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ध्यान मुद्रा वाली मूर्तियां क्यों नहीं रखनी चाहिए?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ध्यान में बैठी हुई मूर्ति चाहे वो गणेश जी हों, शिव जी हों या कोई और देवी-देवता कार में नहीं रखनी चाहिए. ध्यान मुद्रा शांति, स्थिरता और आत्मचिंतन का प्रतीक होती है, जबकि कार एक गतिशील स्थान है. ऐसी मूर्तियों का प्रभाव ड्राइवर के मन पर पड़ सकता है, जिससे एकाग्रता कम होने और मन भटकने की संभावना रहती है.  यही वजह है कि विशेषज्ञ कार में ध्यान मुद्रा वाली मूर्तियां या तस्वीरें लगाने से मना करते हैं. 

खासतौर पर गणेश जी की ध्यान मुद्रा वाली तस्वीर या मूर्ति से बचना चाहिए. भले ही गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है, लेकिन उनकी जागृत या आशीर्वाद मुद्रा ही वाहन के लिए शुभ मानी जाती है. 

कार में कौन-सी मूर्ति या तस्वीर लगाना शुभ होता है?

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कार में ऐसी मूर्ति या तस्वीर लगानी चाहिए जिसमें भगवान की आंखें खुली हों और मुद्रा जागृत अवस्था की हो. जागृत मुद्रा सकारात्मक ऊर्जा, सतर्कता और सुरक्षा का प्रतीक मानी जाती है.  गणेश जी की आशीर्वाद देती हुई मुद्रा या शिव जी की शांत लेकिन जागृत तस्वीर वाहन के लिए बेहतर मानी जाती है.

कार में मूर्ति लगाने के सही नियम

अगर आप कार में भगवान की मूर्ति या तस्वीर रखना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. मूर्ति या तस्वीर को डैशबोर्ड के बीच ऐसी जगह रखें, जहां ड्राइविंग के दौरान आपकी नजर बार-बार उस पर न जाए और ध्यान न भटके. मूर्ति लगाने से पहले उसकी विधिवत पूजा करें और गंगाजल से शुद्ध करें.

कभी भी खंडित या टूटी हुई मूर्ति कार में न रखें. इसे अशुभ माना जाता है. मूर्ति पर फूल, माला या कोई सजावटी सामान न चढ़ाएं, क्योंकि इससे ड्राइविंग में बाधा आ सकती है. रोजाना या समय-समय पर मूर्ति की साफ-सफाई जरूर करें, ताकि धूल या गंदगी जमा न हो.

सही मूर्ति से मिलते हैं ये फायदे

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, कार में सही प्रकार की मूर्ति या तस्वीर रखने से दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है. ड्राइविंग के दौरान मन शांत और केंद्रित रहता है.  गणेश जी या शिव जी की जागृत मुद्रा वाली मूर्ति विघ्नों को दूर करती है .

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