Budh Vakri 2026: 70 दिन उल्टी चाल चलेंगे बुध, 2026 में इन 3 राशियों की बढ़ाएंगे मुश्किल

साल 2026 में बुध ग्रह तीन बार वक्री होगा और पूरे साल लगभग 70 दिन उल्टी चाल चलेगा. ज्योतिषविदों का कहना है कि बुध ग्रही की वक्री चाल कुछ राशियों को आर्थिक मोर्चे पर नुकसान दे सकती है. इन राशि वालों को वक्री बुध से बहुत सावधान रहना होगा.

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साल 2026 में बुध करीब 70 दिन वक्री अवस्था में रहेंगे. (Photo: ITG) साल 2026 में बुध करीब 70 दिन वक्री अवस्था में रहेंगे. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:02 PM IST

Budh Vakri 2026: नया साल 2026 ग्रहों के राजकुमार बुध की चाल के लिहाज से बहुत खास रहने वाला है. साल 2026 में बुध करीब 70 दिन वक्री अवस्था में रहेंगे. बुध की तीन अलग-अलग समय पर वक्री चाल शुरू होगी. सबसे पहले बुध 26 फरवरी को वक्री होंगे और 21 मार्च तक वक्री रहेंगे. फिर 29 जून को पुन: बुध की उल्टी चाल शुरू होगी. इसके बाद 24 जुलाई को बुध फिर से मार्गी हो जाएंगे.  बुध की अंतिम वक्री चाल 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक रहेगी. इस तरह कुल मिलाकर बुध करीब 70 दिन तक वक्री रहेंगे. आइए जानते हैं कि वक्री बुध किन राशियों को नुकसान पहुंचा सकती है.

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कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए बुध की वक्री चाल कुछ मुश्किलें लेकर आ सकती है. आपको आर्थिक मोर्चे पर बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होगी. विशेष रूप से निवेश से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा. खर्चों को कंट्रोल रखना होगा. और कर्ज के लेन-देन से बचना होगा. पहले से किए गए किसी निवेश में बड़ा घाटा झेलना पड़ सकता है. साथ ही, इस दौरान आप पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है. तनाव-चिंता महसूस हो सकता है. स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं. 

तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए भी वक्री बुध चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है. आपके खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है, जिससे बजट गड़बड़ हो सकता है. व्यापार से जुड़े लोगों को लेन-देन में बहुत सावधानी बरतनी होगी. अन्यथा नुकसान हो सकता है. कार्यस्थल पर भी बाधाएं सामने आ सकती हैं और मानसिक दबाव बढ़ सकता है. निजी रिश्तों में खटास आने की आशंका रहेगी. करीबी रिश्तों में दरार आने की संभावना है. पति-पत्नी में अचानक अनबन हो सकती है.

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वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध की उल्टी चाल आर्थिक दृष्टि से भारी पड़ सकती है. इस अवधि में खर्च बढ़ने से वित्तीय संतुलन बिगड़ सकता है. किसी के कहने में आकर लिए गए फैसले नुकसानदायक साबित हो सकते हैं. कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले शुभचिंतकों या घर के सदस्यों की सलाह जरूर लें. इसलिए इस समय सोच-समझकर कदम उठाना और जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा. बच्चों की एकाग्रता भी भंग हो सकती है. पढ़ाई-लिखाई में मन कम लगेगा.

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