Basant Panchami 2026: आज बसंत पंचमी की शाम घर के इन स्थानों पर जलाएं दीपक, करियर में मिलेगी तरक्की

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी का दिन विद्या, बुद्धि, कला और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है. धार्मिक और वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिन घर में दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है. माना जाता है कि दीपक से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं.

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मां सरस्वती पूजा. मां सरस्वती पूजा.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:10 PM IST

Basant Panchami 2026: हिंदू पंचांग के मुताबिक, हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है. इस बार पंचांग गणना के अनुसार आज बसंत पंचमी (Basant Panchami 2026) मनाई गई. यह दिन विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है. मान्यता है कि इस शुभ तिथि पर मां सरस्वती की विधिवत पूजा करने से शिक्षा और करियर में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है. 

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ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, बसंत पंचमी की शाम घर में कुछ खास स्थानों पर दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.  माना जाता है कि ऐसा करने से मां सरस्वती की विशेष कृपा होती है और करियर व पढ़ाई से जुड़ी परेशानियां कम होने लगती हैं. आइए जानते हैं वे कौन-से खास स्थान हैं, जहां दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है. 

बसंत पंचमी पर इन 5 जगहों पर जलाएं दीपक
घर का पूजा स्थान- सबसे पहले घर के मंदिर में मां सरस्वती की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं. यदि संभव हो तो घी का दीपक जलाएं और उसमें थोड़ी-सी हल्दी मिला दें. पीला रंग मां सरस्वती को अत्यंत प्रिय माना जाता है. यह ज्ञान व बुद्धि का प्रतीक भी है. इस उपाय से स्मरण शक्ति और समझने की क्षमता बढ़ती है. 

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पढ़ाई की जगह-बसंत पंचमी के दिन अपनी स्टडी टेबल या किताबों की अलमारी के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है. यह उपाय मन को शांत करता है और पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है, जिससे करियर से जुड़ी रुकावटें धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं. 

घर का मुख्य द्वार-शाम के समय घर के मुख्य दरवाजे के दोनों ओर दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है. वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार से ही सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. यहां दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में नए अवसरों के द्वार खुलते हैं. 

उत्तर-पूर्व दिशा-वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है, जिसे देवताओं का स्थान माना जाता है.  इस दिशा में दीपक जलाने से मानसिक शांति मिलती है, इससे करियर में स्थिरता व सफलता प्राप्त होती है.

तुलसी का पौधा-तुलसी के पौधे को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. बसंत पंचमी की शाम तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है. इस जगह दीपक जलाने से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है.

पूजा मंत्र-बसंत पंचमी के दिन दीपक जलाने के बाद मां सरस्वती के इस मंत्र का जाप करें—ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वत्यै नमः।।माना जाता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से ज्ञान, बुद्धि और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है. 

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