Budhwa Mangal 2026: 19 साल बाद 4 की जगह आएंगे 8 बड़े मंगल, जानें 2026 में ऐसा क्या है खास

Budhwa Mangal 2026: साल 2026 में 19 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जहां ज्येष्ठ मास में 4 नहीं बल्कि पूरे 8 बड़ा मंगल आएंगे. जानें इन 8 मंगल की सटीक तारीखें, इनका धार्मिक महत्व और क्यों खास है यह महासंयोग.

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19 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ज्येष्ठ में 8 मंगलवार का यह अद्भुत योग बन रहा है. 19 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ज्येष्ठ में 8 मंगलवार का यह अद्भुत योग बन रहा है.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:25 PM IST

Budhwa Mangal: सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व होता है.  इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है, जो खासतौर पर भगवान हनुमान की भक्ति के लिए समर्पित माने जाते हैं.साल 2026 हनुमान भक्तों के लिए विशेष खुशियां लेकर आया है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस वर्ष एक अत्यंत दुर्लभ धार्मिक संयोग बन रहा है, जो पूरे 19 साल बाद देखने को मिलेगा.2 मई 2026 से शुरू हो रहे ज्येष्ठ मास के दौरान इस बार कुल 8 बड़े मंगल पड़ेंगे, जबकि सामान्यतः इनकी संख्या केवल 4 या 5 ही होती है. यह अद्भुत संयोग भक्तों के लिए अधिक पूजन, व्रत और हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर देगा.

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क्यों बढ़ी बड़े मंगल की संख्या?
आमतौर पर ज्येष्ठ का महीना 30 दिनों का होता है, जिसमें 4 या 5 मंगलवार पड़ते हैं. लेकिन साल 2026 में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के कारण ज्येष्ठ मास की अवधि बढ़ गई है.  खगोलीय और धार्मिक गणना बताती है कि 19 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ज्येष्ठ में 8 मंगलवार का यह अद्भुत योग बन रहा है, जिससे भक्तों को बजरंगबली की सेवा और पुण्य कमाने का दोगुना अवसर मिलेगा. 

8 बड़े मंगल की पावन तिथियाँ
भक्तों की सुविधा के लिए 2026 के आठों बड़े मंगल की तारीख इस तरह है. 

पहला मंगल: 5 मई 2026  

दूसरा मंगल: 12 मई 2026  

तीसरा मंगल: 19 मई 2026  

चौथा मंगल: 26 मई 2026  

पाँचवाँ मंगल: 2 जून 2026  

छठा मंगल: 9 जून 2026  

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सातवाँ मंगल: 16 जून 2026  

आठवाँ मंगल: 23 जून 2026

बड़ा मंगल का आध्यात्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार ही वह पावन समय था जब वनवास के दौरान हनुमान जी का मिलन भगवान श्री राम से हुआ था.  साथ ही, ज्येष्ठ मास साल का सबसे गर्म महीना होता है, जिसमें सूर्य का ताप अपने चरम पर होता है.  हनुमान जी को शक्ति, शीतलता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है. इसलिए, इस भीषण गर्मी में भक्त उनकी शरण में जाते हैं ताकि जीवन के समस्त कष्टों और संकटों से मुक्ति मिल सके. 

कैसे करें सेवा और पूजा?
बड़ा मंगल के दिन हनुमान मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है.  इस दिन श्रद्धालु हनुमान जी को चोला चढ़ाते हैं, जिसमें सिंदूर और चमेली के तेल का लेप लगाया जाता है.  बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए बेसन के लड्डू या बूंदी का भोग लगाया जाता है.  इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता भंडारे और प्याऊ हैं. भीषण गर्मी में प्यासे को पानी पिलाना और भूखे को भोजन कराना इस दिन की सबसे बड़ी सेवा मानी जाती है.  मान्यता है कि जो भक्त निस्वार्थ भाव से इस दिन सेवा कार्य करते हैं, पवनपुत्र उनके जीवन के हर संकट को दूर कर देते हैं.  साल 2026 का यह महासंयोग हनुमान भक्तों के लिए भक्ति और शक्ति का महापर्व साबित होगा. 

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