कोटा ग्रामीण पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय नकबजनी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में तीन शातिर चोर और चोरी का माल खरीदने वाले तीन सराफा व्यापारी शामिल हैं. पुलिस ने दिसंबर 2025 में चंबल फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड (CFCL) गड़ेपान टाउनशिप में हुई करोड़ों रुपए की चोरी की गुत्थी सुलझा ली है. गिरोह ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत देश के तमाम राज्यों में कुल 33 बड़ी चोरी की वारदातों को अंजाम देना कबूल किया है.
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी हर बड़ी चोरी के बाद चित्तौड़गढ़ स्थित प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर जाकर चोरी की रकम का एक हिस्सा भगवान को चढ़ाते थे. पुलिस अब गिरोह के फरार सदस्यों और चोरी का माल खरीदने वाले अन्य लोगों की तलाश में जुटी है. पुलिस का कहना है कि आगे और भी बड़े खुलासे संभव हैं.
गूगल मैप से करते थे रैकी
कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात करता था. आरोपी गूगल मैप की मदद से बड़ी औद्योगिक टाउनशिप और पॉश कॉलोनियों की पहचान करते थे. इसके बाद ऐसे बंगलों को चिन्हित किया जाता था, जो लंबे समय तक खाली रहते थे. पूरी रैकी के बाद रात के समय ताले तोड़कर नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चुरा कर फरार हो जाते थे.
CFCL चोरी की गुत्थी ऐसे सुलझी
एसपी ने बताया कि 14 दिसंबर 2025 को सीएफसीएल गड़ेपान टाउनशिप में राजकुमार मित्तल और अशोक कुमार छीपा के आवासों से नकदी और जेवरात सहित करोड़ों रुपए की चोरी हुई थी. मामले की जांच में फैक्ट्री के स्थायी-अस्थायी कर्मचारियों और आसपास के लोगों तक का गहन विश्लेषण किया गया. कॉलोनी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें एक संदिग्ध कार कई बार नजर आई. हालांकि फुटेज स्पष्ट नहीं थे, लेकिन नंबर प्लेट पर MP लिखा दिखा.
600 KM में खंगाले 1500 से ज्यादा सीसीटीवी
इसके बाद पुलिस ने खानपुर टोल प्लाजा सहित आसपास के टोल नाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. करीब 600 किलोमीटर के दायरे में लगे 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से विश्लेषण किया गया. तकनीकी साक्ष्यों और फुटेज के आधार पर संदिग्ध कार की पहचान हुई और पुलिस मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही.
मैकेनिक और फल विक्रेता बनकर जुटाई सूचनाएं
आरोपियों की तलाश में कोटा ग्रामीण पुलिस की टीमें मध्य प्रदेश के टांडा, धार, राजगढ़, कुक्शी और इंदौर भेजी गईं. पुलिसकर्मियों ने करीब 15 दिन तक फल-सब्जी वाहन चालक, मैकेनिक और ढाबा कर्मचारी बनकर सूचनाएं जुटाईं. इसी दौरान इंदौर में मुख्य आरोपी करण भील कार से रैकी करता हुआ नजर आया. उसे डिटेन कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने संजय, मानसिंह, भारत सिंह, अन सिंह और महेंद्र के साथ मिलकर कई राज्यों में चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया.
चोरी के पैसों से बुक करवाई JCB
पुलिस ने चोरी में प्रयुक्त कार बरामद कर ली है. पूछताछ में सामने आया कि चोरी का 136 ग्राम सोना आरोपी भारत सिंह मंडलोई ने इंदौर में 14 लाख रुपए में बेचा. शेष सोना जोवट (अलीराजपुर) निवासी राहुल सोनी और गारबाड़ा (दाहोद) निवासी हार्दिक सोनी को 34 लाख रुपए में बेचा गया, जिसमें से 8 लाख रुपए अभी तक खर्च हो चुके हैं. चोरी की रकम से खड़ी अंबा निवासी अन सिंह मेहड़ा ने जेसीबी भी बुक करवाई थी.
अब तक 18 लाख का सोना, चांदी और नकदी बरामद
पुलिस ने अब तक 134 ग्राम सोना (कीमत करीब 18 लाख रुपए), 781 ग्राम चांदी के आइटम और 9 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं. इसके अलावा जेसीबी फर्म के खाते से 20 लाख रुपए रिवर्ट करवाने की प्रक्रिया जारी है.
33 वारदातें, करोड़ों की नकबजनी का कबूलनामा
एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी करण भील पर पहले से 31 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि भारत मंडलोई पर 23 केस दर्ज हैं. आरोपियों ने बारां जिले के अंता स्थित एनटीपीसी, मध्य प्रदेश के विजयपुर-गुना स्थित गेल टाउनशिप और झालावाड़ के थर्मल पावर प्लांट टाउनशिप में भी करोड़ों रुपए की चोरी करना स्वीकार किया है. विजयपुर-गुना में आठ और झालावाड़ में 13 मकानों के ताले तोड़े गए थे.
इन अफसरों और जवानों की रही अहम भूमिका
एडिशनल एसपी राम कल्याण मीणा ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में पुलिस टीम की कड़ी मेहनत रही. विशेष रूप से सीमलिया एसएचओ नंद सिंह, डीएसटी इंचार्ज इंस्पेक्टर राजेन्द्र मीणा, एएसआई भूपेंद्र, कांस्टेबल लाखन सहित टीम के अन्य सदस्यों का अहम योगदान रहा.
चेतन गुर्जर