राजस्थान के नागौर जिले में नशे के कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है. कोतवाली थाना पुलिस और डीएसटी (ड्रग्स सप्लाई टीम) ने संयुक्त रूप से घोसीवाड़ा मोहल्ले में छापेमारी कर 142.08 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली एमडीएमए बरामद की है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 28 लाख रुपये बताई जा रही है.
इस कार्रवाई में पुलिस ने नया तेलीवाड़ा निवासी आशाराम गहलोत उर्फ आशीष को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से नागौर शहर में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी में सक्रिय था और युवाओं को नशे की लत में धकेल रहा था.
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चाचा के घर को बनाया था नशे का ठिकाना
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने खुद के घर को सुरक्षित रखने के लिए अपने चाचा के रिहायशी मकान को नशे का गोदाम बना रखा था. उसे यह डर था कि अगर उसके घर पर छापा पड़ा तो वह सीधे पुलिस के शिकंजे में आ जाएगा. इसी वजह से उसने चाचा के घर में एमडीएमए छिपाकर रखी थी.
शुक्रवार को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली, जिसके बाद चार गाड़ियों के साथ टीम ने अचानक दबिश दी. तलाशी के दौरान एमडीएमए के पैकेट बरामद किए गए. आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया.
कोडवर्ड और व्हाट्सएप से करता था सौदे
पुलिस के अनुसार, आशाराम बेहद शातिर तरीके से ड्रग्स की डील करता था. वह ग्राहकों से सीधे बात न कर कोडवर्ड का इस्तेमाल करता था और व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए संपर्क करता था, ताकि कॉल रिकॉर्डिंग से बचा जा सके.
आरोपी छोटे-छोटे पैकेट बनाकर स्थानीय युवाओं और कॉलेज स्टूडेंट्स को नशे की सप्लाई करता था. शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि वह बाहरी राज्यों से कम दामों पर सिंथेटिक ड्रग्स मंगवाकर नागौर में महंगे दामों पर बेचता था.
पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी पर नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से कई मामले दर्ज हैं. इनमें मादक पदार्थों की तस्करी और मारपीट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं. कुल मिलाकर आरोपी के खिलाफ छह मामलों की पुष्टि हो रही है.
इधर, कोतवाली थाना की कार्रवाई के समानांतर कुचेरा थाना पुलिस ने भी नाकाबंदी और इनपुट के आधार पर नशे की सप्लाई चेन पर कार्रवाई की है. जिले में ऑपरेशन नीलकंठ के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है.
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में एमडीएमए कहां से लाई गई थी और इसके मुख्य खरीदार कौन हैं. यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क तो नहीं है.
पुलिस अधीक्षक जतिन जैन ने बताया कि ऑपरेशन नीलकंठ के तहत यह गिरफ्तारी की गई है. उन्होंने कहा कि पूछताछ के बाद नशे की बड़ी चेन का खुलासा होने की उम्मीद है. नागौर पुलिस की यह कार्रवाई युवाओं को नशे से बचाने की दिशा में अहम मानी जा रही है.
केशाराम गढ़वार