जैसलमेर के पोकरण उपखंड स्थित धूड़सर सोलर पावर प्लांट में करंट लगने से युवक की मौत हो गई. इसके बाद जब लोगों को पता चला तो मौके पर बवाल मच गया. सूचना के बाद विधायक रविन्द्र सिंह भाटी मौके पर पहुंचे और कंपनी के अधिकारियों को लताड़ लगाई. इसके बाद जनप्रतिनिधियों, पुलिस व प्रशासन की समझाइश के बाद लोग माने.
लोगों की मांग पर कंपनी ने मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुवावजा देने व अन्य शर्तें मान लीं. इसको लेकर लिखित में सहमति बनी. इसके बाद परिजनों ने शव हटाया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया.
दरअसल, जैसलमेर के पोकरण स्थित धूड़सर में स्थित सोलर पावर प्लांट में करंट से 30 वर्षीय जगदीश कुमावत की मौत हो गई थी. जगदीश की चार बेटियां और छह महीने का बेटा है. इस घटना के बाद परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है. जब लोगों ने परिजनों के लिए कंपनी से मुआवजे की मांग की तो दो दिनों तक कंपनी किसी भी मांग को लेकर तैयार नहीं हुई. इसके बाद धूड़सर सोलर प्लांट के आगे प्रदर्शन शुरू कर दिया गया.
पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी व अन्य जनप्रतिनिधि सैकड़ों ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए. इसकी जानकारी मिलने पर विधायक रविन्द्र सिंह भाटी धरनास्थल पर पहुंचे और कंपनी को लताड़ लगाई. इसके बाद कंपनी ने मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया. इसके अलावा सोलर कंपनी ने मृतक की पत्नी या उसके अन्य परिजनों को नौकरी, प्रत्येक माह पेंशन व दो बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाने की भी मांग मान ली.
इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया. इस मामले में पोकरण एसडीएम गोपाल परिहार, एडिशनल एसपी पुलिस गोपाल सिंह भाटी, डिप्टी एसपी कैलाश विश्नोई व पोकरण एसएचओ दिनेश लखावत मौजूद रहे. इस पूरे मामले में प्रथम दृष्ट्या कंपनी की लापरवाही की बात सामने आ रही है. कंपनी ने भी अपने स्तर पर इस मामले की जांच शुरू कर दी है.
विमल भाटिया