खबर का असर: 13,000 मेडल प्राइज मनी पर बड़ा एक्शन, 137 खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी

आजतक की रिपोर्ट के बाद राजस्थान स्पोर्ट्स काउंस‍िल ने माना है कि 13,000 से अधिक मेडल से जुड़ी प्राइज मनी अभी भी भुगतान के लिए लंबित है. परिषद ने सरकार को भरोसा दिलाया है कि यह लंबित राशि मार्च के अंत तक साफ़ कर दी जाएगी. यह कदम खिलाड़ियों की दशकों से चली आ रही शिकायतों पर उठाया गया एक बड़ा प्रशासनिक पहल माना जा रहा है.

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सालों से अटकी थी मेडल प्राइज मनी, रिपोर्ट के बाद हरकत में आया प्रशासन. (Image: Reuters) सालों से अटकी थी मेडल प्राइज मनी, रिपोर्ट के बाद हरकत में आया प्रशासन. (Image: Reuters)

देव अंकुर

  • नई दिल्ली/जयपुर,
  • 13 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:36 PM IST

इंड‍िया टुडे टीवी और आज तक की ग्राउंड रिपोर्ट का बड़ा असर देखने को मिला है. खिलाड़ियों के बकाया मेडल प्राइज मनी और आउट ऑफ टर्न नौकरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के बाद अब राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल ने आधिकारिक तौर पर माना है कि 13,000 से अधिक मेडल से जुड़े मामलों में इनाम राशि लंबित है. काउंसिल ने आश्वासन दिया है कि लंबित प्राइज मनी का भुगतान मार्च के अंत तक कर दिया जाएगा. 

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गौरतलब है कि आजतक ने अपनी मुख्य रिपोर्ट में उन खिलाड़ियों की स्थिति दिखाई थी, जिन्हें सालों पहले मेडल जीतने के बावजूद पुरस्कार राशि नहीं मिली. इसमें कई खिलाड़ियों ने यह भी बताया था कि उन्हें घोषित ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरियां भी नहीं दी गईं. अब इस मामले में खेल मंत्रालय ने भी कार्रवाई करते हुए 137 खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने का आदेश जारी कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि चयनित खिलाड़ियों की नियुक्ति प्रक्रिया में और देरी न हो. 

क्या है पूरा मामला 

भारत के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीते, वर्षों से इनाम राशि नहीं मिलने और आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरियों की प्रतीक्षा कर रहे थे. इस मुद्दे को India Today TV / Aaj Tak की स्पोर्ट्स टीम ने व्यापक रूप से उजागर किया, जिसमें यह दिखाया गया कि लगभग 90% मेडल विजेताओं का प्राइज मनी लंबित है और कई खिलाड़ी अब जरूरी खर्चों के लिए कैब चलाने या डिलीवरी जॉब तक करने को मजबूर हैं. 

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