बारामूला में पाकिस्तान उरी जैसी घटना को दोहराना चाहता था, लेकिन अपनी शहादत देकर नितिन यादव ने पाकिस्तानी मंसूबे को नाकाम कर दिया, पर नितिन के बूढ़े मां-बाप के लिए तो जिंदगी बेजान सी हो गई है.