चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मावती आत्मसम्मान के लिए जौहर कर लेने के लिए जानी जाती हैं. 700 साल से उनकी कहानी, उनका इतिहास चित्तौड़ के किले के कंगूरे पर चमक रहा है, लेकिन एक फिल्म में उनकी छवियों पर सवाल उठा तो इसकी धमक इतनी तेज हुई कि एक शहर में कुछ महिलाएं जौहर करने की धमकी देने लगीं. आग एक फिल्म से लगी और वो उस चित्तौड़ की राजपूतानियों के दिलोदिमाग में धधकने लगी, जहां से जौहर की वो देवी निकली थी, जिसने 714 साल पहले आत्मगौरव और आत्मबलिदान की अनोखी दास्तां पेश की थी. जब संजय लीला भंसाली की फिल्म में उस रानी पद्मावती के चरित्र को तोड़मरोड़कर पेश करने का आरोप लगा तो विरोध की तलवारें कई जगहों से निकल गईं. ये विरोध इतना तीखा है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तो 5000 महिलाएं जौहर का दम दिखा रही हैं. देखिए विशेष...