नीतीश बार-बार इधर से उधर पल्टी मारकर सीएम बनते हैं. खुद शपथ लेते हैं और फिर मंत्री बनाते हैं. एक बार फिर ऐसा ही हो रहा है. नीतीश नौवीं बार मुख्यमंत्री बने- लेकिन मंत्रिमंडल का विस्तार बाकी था.