देश में चुनावी राजनीति हमेशा गतिशील रहती है. बीएमसी चुनावों के बाद शिवसेना और बीजेपी के बीच मेयर पद को लेकर कड़ी बहस चल रही है. शिवसेना ने अपने 29 कॉर्पोरेटरों को मुंबई के एक होटल में बुलाकर मेयर पद को ढाई-ढाई साल के टर्म में बांटने की मांग रखी है. सत्ता समीकरण जटिल हैं क्योंकि बिना शिवसेना के समर्थन के बीजेपी के लिए मेयर पद प्राप्त करना मुश्किल होगा. इसी बीच पश्चिम बंगाल में चुनावों को लेकर भी राजनीतिक रार तेज है. देखें शंखनाद.