दिल्ली की हिंसा में मारे गए अंकित शर्मा की दर्दनाक कहानी अगर सामने ना आती. अगर उनकी बिखलती मां की तस्वीरें ना दिखती जिनके बेटे को चांदबाग में हिंसा के बीच भीड़ ने मार कर नाले में फेंक दिया. तो शायद ताहिर हुसैन नाम के उस नेता पर किसी का ध्यान ना जाता, जिसका घर चांदबाग की हिंसक भीड़ का हेडक्वॉर्टर बना. ताहिर हुसैन के घर की छत से ईंट-पत्थर-केमिकल-पेट्रोल बम का मिलना. ये इस तरफ इशारा करता है कि हिंसा फैलाने का पूरा सामान पहले से जुटा लिया गया था. यही वजह है कि हिंसा के गुनहगारों को लेकर अब सवालों के घेरे में ताहिर हुसैन आ गया है. खबरदार में आज विश्लेषण करेंगे कि क्या दिल्ली में हिंसा फैलाने में ताहिर हुसैन की सबसे बड़ी भूमिका है?