जेष्ठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को शनि देव का जन्म हुआ था. इस तिथि को शनि जयंती के रूप में मनाते हैं. इस दिन नहाने के बाद पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं. इसके बाद शनि देव का तेलाभिषेक करें. आपके रूके काम पूरे हो जाएंगे.