देश के संविधान में कोई पदधारी नहीं, कोई अधिकारी नहीं, कोई संस्था नहीं, कोई धर्म नहीं बल्कि देश की जनता संप्रभु है लेकिन आज कहानी उनकी जिन्हें जनता चुनती है, जिन्हें जनता के पैसे से वेतन मिलता है लेकिन वो खुद को ही सर्वोच्च मान लेते हैं. जो कहते हैं हमसे बढ़कर दुनिया में ना होगा कोई और. दिल्ली में IAS अधिकारी पर आरोप है अपने और अपने कुत्ते की ईवनिंग वॉक के लिए खिलाड़ियों से स्टेडियम खाली करा लिया.