एक ओर पटना के गांधी मैदान में गूंज रहा था-'भगवा ए हिंद' का उदघोष. बाबा बागेश्वर की हुंकार में हिंदुओं की एकता का संदेश था तो दूसरी ओर कुछ ही किलोमीटर दूर राबड़ी देवी ताजिए के आगे झुकी हुई नजर आईं. मोहर्रम के मौके पर गंगा-जमुनी तहजीब की तस्वीर दिखती रही. अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ये सिर्फ संयोग है या सियासी प्रयोग? देखें दंगल.