चाल चक्र में आज आपको बताएंगे शिक्षा की देवी सरस्वती मां की महिमा के बारे में. मां सरस्वती ब्रहा जीत की पुत्री मानी जाती है. इनकी पूजा से ज्ञान, कला, संगीत और वाणी का वरदान प्राप्त होता है. मंद बुद्धि, गूंगे और बहरे को भी इनकी पूजा से लाभ होता है. ग्रहों में इनका संबंध बुध तथा बृहस्पति से माना जाता है. नवरात्र के अंतिम दिन इनकी पूजा से विशेष लाभ होता है. मां सरस्वती की पूजा रोज सुबह की जा सकती है. महीने की पंचमी तिथि को इनकी विशेष पूजा होती है. इसके अलावा नवराभ के अंतिम दिन भी इनकी पूजा की जा सकती है. सफेद अथवा पीले वस्त्रों में इनकी पूजा करनी चाहिए. पूजा में सफेद अथवा पीले फूल तथा हलुआ या मेवा अर्पित करें. इसके बाद मां के मंत्रों का स्फटिक की माला से जाप करें. इसके बाद मां के मंत्रों का स्फटिक की माला से जाप करें. नील सरस्वती स्तोत्र का भी पाठ कर सकते हैं. नवमी के दिन मां को सफेद वस्तुएं अर्पित करें. इसके अलावा पढ़ने-लिखने की वस्तुए दान करें.