मध्य प्रदेश के सागर में वैलेंटाइन डे से ठीक तीन दिन पहले माहौल गरमा गया है. बुधवार को शिवसेना कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन स्थित पहलवान बाबा मंदिर में इकट्ठा होकर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच लट्ठों की विधिवत पूजा की. पंडित-पुरोहित की मौजूदगी में लाठी पूजन किया गया. इस दौरान खास बात यह रही कि इन लट्ठों पर चमेली और सरसों का तेल चढ़ाया गया. कार्यकर्ताओं ने इसे संस्कृति रक्षा का प्रतीक बताया.
पूजन के दौरान शिवसैनिकों ने साफ संदेश दिया कि 14 फरवरी को सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह की 'अश्लीलता' बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके बाद शहर में विवादित और चेतावनी भरे पोस्टर लगाए गए, जिन पर लिखा था-'जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना–कोना.' इन पोस्टरों के बाद शहर में बहस और चर्चा तेज हो गई है.
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वायरल वीडियो के बाद बढ़ा आक्रोश
दरअसल, तीन दिन पहले अटल पार्क का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वीडियो में कुछ कपल सार्वजनिक जगह पर आपत्तिजनक हरकतें करते नजर आए थे. इस वीडियो के सामने आने के बाद शहर में नाराजगी बढ़ गई थी. इसी घटना को आधार बनाकर शिवसेना ने वैलेंटाइन डे के विरोध में मोर्चा खोल दिया है.
मंदिर में हुए लट्ठ पूजन के बाद शिवसैनिकों ने पार्क, होटल, रेस्टोरेंट और धार्मिक स्थलों के आसपास चेतावनी वाले पोस्टर लगाए हैं. इन पोस्टरों में साफ लिखा गया कि अगर 14 फरवरी को प्रेमी युगल आपत्तिजनक हालत में मिले तो कार्रवाई की जाएगी. कुछ लोग इसे भारतीय संस्कृति की रक्षा बता रहे हैं, तो कई लोग इसे डर का माहौल बनाने की कोशिश मान रहे हैं.
नेताओं के बयान और सख्त चेतावनी
शिवसेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने कहा कि 14 फरवरी भारतीय परंपरा का हिस्सा नहीं है. उनका कहना है कि कुछ युवक–युवतियां पाश्चात्य संस्कृति के नाम पर सार्वजनिक जगहों पर अश्लीलता फैलाते हैं, जिसे शिवसेना बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई जोड़ा आपत्तिजनक स्थिति में मिला तो मौके पर ही उनकी शादी कर दी जाएगी.
जिला प्रभारी विकास सिंह ने भी तीखा बयान दिया. उन्होंने कहा कि हर साल शिवसेना वैलेंटाइन डे के खिलाफ सड़क पर उतरती है. इस बार प्रेम की आड़ में अश्लीलता फैलाने वालों को सबक सिखाने के लिए लट्ठों में सरसों का तेल पिलाया गया है. उन्होंने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी चेतावनी दी कि अगर 14 फरवरी को फूहड़ या अश्लील कार्यक्रम हुए तो शिवसैनिक विरोध करेंगे.
प्रशासन पर उठे सवाल
शिवसेना की इस खुली चेतावनी के बाद अब सवाल प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे हैं. क्या 14 फरवरी को पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाएगी? या फिर शहर में टकराव की स्थिति बन सकती है? फिलहाल, तेल पिलाए लट्ठ और आक्रामक पोस्टरों ने सागर का माहौल गरमा दिया है. अब सबकी नजर 14 फरवरी पर टिकी है.
हिमांशु पुरोहित