'यह भगदड़ नहीं, सफोकेशन था', डबरा हादसे में महिला की मौत के बाद नरोत्तम मिश्रा आए सामने, पीड़ित परिवार को ₹9 लाख की मदद

Dabra Kalash Yatra Accident Update: पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने डबरा कलश यात्रा हादसे को 'सफोकेशन' बताया है. उन्होंने मृतक परिवार को ₹9 लाख और घायलों को ₹1 लाख सहायता देने का ऐलान किया. आज से पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा शुरू हो रही है.

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नवग्रह मंदिर हादसे पर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की सफाई.(Photo:Screengrab) नवग्रह मंदिर हादसे पर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की सफाई.(Photo:Screengrab)

सर्वेश पुरोहित

  • ग्वालियर,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:10 PM IST

ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह शक्ति पीठ के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान हुई दुखद घटना को लेकर पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने 'आजतक' से एक्सक्लूसिव बातचीत में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि यह भगदड़ नहीं बल्कि सफोकेशन (दम घुटना) की घटना थी.
 
दरअसल, नवग्रह शक्ति पीठ के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के पहले दिन मंगलवार को कलश यात्रा में भीड़ अधिक होने से अफरा-तफरी की स्थिति बनी. इस घटना में एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए. हालांकि, मंदिर ट्रस्ट और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भगदड़ की खबरों को भ्रांति बताया है. 
 
नरोत्तम मिश्रा ने कहा, यह भगदड़ नहीं थी, बल्कि भीड़ के दबाव के कारण सफोकेशन हुआ. ट्रस्ट की ओर से मृतक परिवार को 5 लाख रुपये और मुख्यमंत्री सहायता कोष से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है. घायलों को एक-एक लाख रुपये दिए जा रहे हैं.
 
इसी महोत्सव के अंतर्गत 11 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक त्रि-दिवसीय शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया है. इसके लिए सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा डबरा पहुंचे हैं. उनके आगमन से श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है और आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष पहचान मिल रही है.

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इस महोत्सव में 14 से 16 फरवरी तक प्रख्यात कवि कुमार विश्वास का 'अपने अपने राम' और 17 से 20 फरवरी तक धीरेंद्र शास्त्री की हनुमत कथा का आयोजन होना है. 

बता दें कि यह नवग्रह मंदिर का निर्माण पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के परिवार ने करवाया है. मंदिर ट्रस्ट ही इस प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन करवा रहा है.

नवग्रह शक्ति पीठ की विशेषता यह है कि यहां सभी नवग्रह अपनी पत्नियों व वाहनों के साथ विराजमान हैं. मंदिर 108 खंभों पर निर्मित है और इसकी संरचना ऐसी है कि किसी भी शिखर की छाया एक-दूसरे पर नहीं पड़ती.

डबरा में भितरवार रोड पर बना यह मंदिर 13 एकड़ से ज्यादा एरिया में फैला है. नवग्रह मंदिर के भवन 45 हजार वर्ग फीट में बना है. यहां नवग्रह अपने अपने कक्ष में पत्नी संग विराजित हैं. पूजन और दर्शन के हिसाब से नवग्रहों की अलग अलग मूर्तियां स्थापित की गई हैं. 

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