लड़कियों के टॉयलेट में लगा दिए लड़कों के यूरिनल्स, सरकारी स्कूल का अजीब नमूना वायरल

धार जिले के कुक्षी स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बालिका शौचालय के नाम पर बनी संरचना में लड़कों के यूरिनल लगाए जाने का मामला सामने आया है. 2019-20 में तीन लाख से अधिक की लागत से बना यह शौचालय कागजों में बालिकाओं के लिए है, लेकिन अंदर की बनावट अलग कहानी कहती है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं.

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लड़कियों के टॉयलेट में लगा दिए लड़कों के यूरिनल्स (Photo: itg) लड़कियों के टॉयलेट में लगा दिए लड़कों के यूरिनल्स (Photo: itg)

रवीश पाल सिंह

  • धार,
  • 13 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:44 PM IST

मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी से शिक्षा विभाग और निर्माण एजेंसी की ऐसी लापरवाही सामने आई है, जिसे देखकर कोई भी हैरान रह जाए. कुक्षी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमांक-1 में साल 2019-20 में करीब 3 लाख 12 हजार रुपये की लागत से बालिका शौचालय का निर्माण कराया गया था.

भवन की बाहरी दीवार पर निर्माण राशि, एजेंसी, लागत और तिथि साफ-साफ दर्ज है और दरवाजे के ऊपर बड़े अक्षरों में “बालिका शौचालय” लिखा हुआ है. लेकिन जैसे ही दरवाजा खुलता है, तस्वीर पूरी तरह बदल जाती है. अंदर का ढांचा पुरुषों के उपयोग के अनुसार बनाया गया है.  इतना ही नहीं, शौचालय के भीतर भारी गंदगी फैली हुई है. यानी कागजों और दीवारों पर यह बालिकाओं के लिए बना शौचालय है, लेकिन हकीकत में इसका स्वरूप और उपयोग कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि निर्माण के छह साल बाद भी शिक्षा विभाग और आरईएस (ग्रामीण इंजीनियरिंग सेवा) विभाग के किसी अधिकारी की नजर इस गंभीर खामी पर नहीं पड़ी. न निरीक्षण में गलती दिखी, न ही सुधार की कोई पहल की गई. 

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रविवार को एक जागरूक नागरिक ने इस पूरी स्थिति का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया. अब सवाल उठ रहा है कि आखिर नन्हीं बच्चियों के लिए बनाए गए इस शौचालय में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या निर्माण के समय निगरानी नहीं हुई या फिर कागजों में ही सब कुछ पूरा मान लिया गया?

पूरे मामले पर डीपीसी सर्व शिक्षा अभियान प्रदीप खरे का कहना है कि मामला संज्ञान में आ गया है. उन्होंने बताया कि साल 2019-20 में निर्माण एजेंसी आरईएस विभाग द्वारा शौचालय बनाया गया था. यह निश्चित रूप से गंभीर गलती है. मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

 

 

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