मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में एक शिक्षक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी, जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है, ने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर पति की हत्या की और सबूत मिटाने के इरादे से शव को खाई में फेंक दिया. पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
यह मामला कराहल थाना क्षेत्र का है, जहां 27 दिसंबर 2025 को नोनपुरा घाटी में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी. शुरुआती तौर पर इसे सड़क दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस की गहन जांच ने इस कथित हादसे को सुनियोजित हत्या में बदल दिया. 27 दिसंबर को कराहल थाना पुलिस को सूचना मिली कि नोनपुरा घाटी में मोड़ के पास ढलान पर एक व्यक्ति का शव पड़ा है. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान शिक्षक रमाकांत पाठक के रूप में की. शव के पास उनकी मोटरसाइकिल भी गिरी हुई थी, जिससे प्रथम दृष्टया मामला सड़क हादसे का प्रतीत हो रहा था. पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया और प्रारंभिक जांच शुरू की. हालांकि घटनास्थल की परिस्थितियां, चोटों का स्वरूप और बाइक की स्थिति को देखते हुए पुलिस को संदेह हुआ कि मामला सामान्य दुर्घटना नहीं है.
थाना प्रभारी यास्मीन खान के नेतृत्व में गठित टीम ने घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया. पुलिस को यह समझ में आया कि जिस तरह से शव और बाइक खाई में पड़े थे, वह किसी सामान्य सड़क हादसे से मेल नहीं खा रहा था. इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया. मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, लोकेशन हिस्ट्री और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. जांच आगे बढ़ने पर पुलिस का ध्यान मृतक की पत्नी साधना शर्मा की ओर गया.
पत्नी से पूछताछ में खुला हत्या का राज
पुलिस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता साधना शर्मा को पूछताछ के लिए बुलाया. प्रारंभ में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्य सामने रखे, तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी. कड़ी पूछताछ के दौरान साधना ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और हत्या की साजिश का पूरा विवरण पुलिस को बताया.
पेट्रोल पंप पर काम करने वाले युवक से थे संबंध
पुलिस जांच में सामने आया कि साधना शर्मा का मनीष जाटव (24 वर्ष) नाम के युवक से प्रेम प्रसंग था. मनीष एक पेट्रोल पंप पर काम करता था, जो मृतक शिक्षक रमाकांत पाठक के घर के पास स्थित है. साधना रोजाना आंगनबाड़ी केंद्र जाने के लिए उसी रास्ते से गुजरती थी. इसी दौरान करीब डेढ़ साल पहले साधना और मनीष की पहचान हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई. समय के साथ साधना और मनीष के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं. इस दौरान रमाकांत पाठक को पत्नी के व्यवहार पर शक होने लगा था. वह इस रिश्ते का विरोध कर रहा था, जिससे साधना और मनीष के बीच तनाव बढ़ने लगा. इसी तनाव के चलते दोनों ने रमाकांत को रास्ते से हटाने की योजना बना ली.
डेढ़ महीने पहले रची गई हत्या की योजना
पुलिस के अनुसार, साधना और मनीष ने करीब डेढ़ महीने पहले हत्या की साजिश रच ली थी. इस योजना में मनीष ने अपने दोस्त सतनाम को भी शामिल किया. योजना के तहत मनीष ने पहले रमाकांत से दोस्ती बढ़ाई. चूंकि रमाकांत अक्सर उसी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने आता था, इसलिए दोनों के बीच बातचीत होने लगी और मनीष ने उसका भरोसा जीत लिया. घटना वाले दिन मनीष और सतनाम ने रमाकांत को बाइक से घूमने चलने का प्रस्ताव दिया. रमाकांत बिना किसी संदेह के उनके साथ निकल गया. तीनों पहले पेट्रोल पंप पहुंचे, जहां रमाकांत की बाइक खड़ी की गई. इसके बाद तीनों एक कार में बैठकर नोनपुरा घाटी की ओर रवाना हुए. घाटी के सुनसान इलाके में पहुंचने के बाद मनीष और सतनाम ने मिलकर रमाकांत की हत्या कर दी.
हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश
हत्या के बाद दोनों आरोपी कार से वापस पेट्रोल पंप पहुंचे और रमाकांत की बाइक लेकर दोबारा घाटी पहुंचे. वहां उन्होंने शव और बाइक दोनों को खाई में नीचे फेंक दिया, ताकि यह मामला सड़क दुर्घटना प्रतीत हो. इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस जांच में अहम सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिला. पेट्रोल पंप और आसपास के इलाकों में लगे कैमरों में रमाकांत, मनीष और सतनाम को एक साथ देखा गया. इसके अलावा घटना के समय कार की आवाजाही भी कैमरों में कैद हुई थी. इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मनीष और सतनाम को हिरासत में लिया.
पूछताछ में आरोपियों ने किया जुर्म कबूल
हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान उन्होंने पूरी वारदात स्वीकार कर ली और बताया कि इस हत्या की साजिश में साधना शर्मा की मुख्य भूमिका थी. इसके बाद पुलिस ने साधना शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया. हत्या में इस्तेमाल की गई कार और अन्य सबूत जब्त कर लिए गए हैं. पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया. अदालत के आदेश पर मृतक की पत्नी साधना शर्मा को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है, जबकि उसके प्रेमी मनीष जाटव और साथी सतनाम को पुलिस रिमांड पर लेकर आगे की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है.
खेमराज दुबे