दो साल बाद आयोजित हो रहे साहित्य आजतक में कवि और लेखक व्योमेश शुक्ल और गीत चतुर्वेदी ने हिंदी भाषा और कविता पर बात की और अपनी राय रखी. व्योमेश शुक्ल ने कहा कि कविताएं हमारे दिल की मिट्टी को गीला रखती हैं. गीत चतुर्वेदी ने बताया कि कविता लिखना कैसे सीखें.