e Sahitya Aajtak: मां को कैंसर होने की खबर मिलने के बाद भी किया था प्रोग्राम, मालिनी ने सुनाया किस्सा

जिस मालिनी अवस्थी को लोग आज इतना सफल देखते हैं, इतना पॉपुलर देखते हैं, एक जमाने में उन्होंने काफी संघर्ष किया था. ऐसा संघर्ष जिसके चलते उन्हें कई बार परिवार से ज्यादा अपने काम को तरजीह देनी पड़ी.

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मालिनी अवस्थी मालिनी अवस्थी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 मई 2020,
  • अपडेटेड 8:52 PM IST

ई साहित्य आजतक के मंच पर जब लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने दस्तक दी तो पूरा माहौल सुरीला हो गया, चारों ओर सिर्फ उनकी बुलंद आवाज का दबदबा दिखा. जिस मालिनी अवस्थी को लोग आज इतना सफल देखते हैं, इतना पॉपुलर देखते हैं, एक जमाने में उन्होंने काफी संघर्ष किया था. ऐसा संघर्ष जिसके चलते उन्हें कई बार परिवार से ज्यादा अपने काम को तरजीह देनी पड़ी.

मालिनी अवस्थी का भावुक कर देने वाला किस्सा

अब ऐसा ही एक किस्सा मालिनी अवस्थी ने ई साहित्य आजतक के मंच पर साझा किया. उन्होंने कहा- एक वक्त ऐसा भी था जब मेरी मां को कैंसर था. उनकी स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी. लेकिन उसी दिन मेरा आकाशवाणी के साथ एक कार्यक्रम था. अब मेरी वहां जाने की इच्छा नहीं थी, लेकिन मेरे पिता ने मुझे मेरा कर्म याद दिलाया और उस इवेंट में हिस्सा लेने के लिए कहा.

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सबसे बड़ा कर्म होता है

मालिनी के मुताबिक वो खुद तो उस कार्यक्रम का हिस्सा बनी, लेकिन वो ये देख ज्यादा हैरान थी कि ऑडियंस में उनके पिता भी उनका उत्साह बढ़ा रहे थे. इस बारे में मालिनी कहती हैं- मैंने अपने पिता से पूछा कि वो मां को ऐसी स्थिति में अकेले छोड़ क्यों आ गए. मेरे पिता ने बोला कि मां ने खुद उन्हें यहां भेजा है. वो तुम्हे ऐसे परफॉर्म करते हुए ही देखना पसंद करती हैं.

वैसे सिर्फ यही किस्सा नहीं, मालिनी अवस्थी ने जिंदगी के कई ऐसे पहलू बताए जहां उन्होंने सभी को अपने कर्म का पालन करने की सीख दी. मालिनी की माने तो उनके पिता हमेशा से यही सिखाते थे कि कर्म सबसे बड़ा होता है. इसी बात पर मालिनी ने कहा कि वो आज ई साहित्य आजतक के मंच पर भी इसी कर्म का पालन करने के चलते आईं हैं.

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