e-साहित्य आजतक: अरुण गोविल ने सुनाई रामायण की चौपाई, फैंस को दी ये बड़ी सीख

e-Sahitya Aaj Tak 2020: रामायण की शिक्षा चौपाई के जरिए लोगों को देते हुए अरुण गोविल ने एक दोहा सुनाया. अरुण गोविल ने कहा कि रामायण ने मुझे काफी कुछ दिया है. मैंने कभी इसकी उम्मीद नहीं की थी.

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e-Sahitya Aaj Tak 2020: अरुण गोविल e-Sahitya Aaj Tak 2020: अरुण गोविल

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2020,
  • अपडेटेड 9:06 PM IST

e-साहित्य आजतक कार्यक्रम में अरुण गोविल, सुनील लहरी और दीपिका चिखलिया ने रामानंद सागर की रामायण से जुड़े कई किस्से बताए. साथ ही उन्होंने शो की सफलता के पीछे की वजह भी बताई. राम के रोल में दिखे अरुण गोविल ने रामायण की चौपाई के जरिए फैंस को बड़ा संदेश दिया. बता दें, इस सेशन को मीनाक्षी कंडवाल ने मॉडरेट किया.

रामायण की चौपाई से दी लोगों को सीख

रामायण की शिक्षा चौपाई के जरिए लोगों को देते हुए अरुण गोविल ने एक दोहा सुनाया. उन्होंने कहा- राम नाम मनिदीप धरु जीह देहरीं द्वार | तुलसी भीतर बाहेरहुं जौं चाहसि उजिआर || इसका अर्थ बताते हुए अरुण गोविल ने कहा- जिस तरह मकान के दरवाजे की तरफ रखा दीपक बाहर भी उजाला करता और अंदर भी, उसी तरह तू राम नाम की मणि को अपने मुख पर रख ले, तो तेरे अंदर भी उजाला हो जाएगा और बाहर भी.

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अरुण गोविल ने कहा कि रामायण ने मुझे काफी कुछ दिया है. मैंने कभी इसकी उम्मीद नहीं की थी. जब रामायण साथ में थी तब काफी कुछ अच्छा हुआ था. जब रामायण बनी तब परिस्थितियां अलग थी. लोगों का मेरी तरफ देखने का नजरिया दूसरा था. वो मुझे नहीं भगवान राम के प्रति अपनी श्रद्धा को नमन करते हैं. रामायण से पहले भी मैं अमर्यादित नहीं था और ना ही अब हूं. कुछ मेरे शौक और जरूरत थी, वो चीजें अपने आप ही छूट गई. मैं कहूंगा कि रामायण कर मुझे जिंदगी में बहुत बड़ी चुनौती नहीं आई.


बता दें, लॉकडाउन में दूरदर्शन पर 33 सालों बाद रामायण को टेलीकास्ट किया गया. शो को बंपर टीआरपी मिली. रामायण की बदौलत दूरदर्शन को सालों बाद नंबर वन चैनल बनने का मौका मिला. दूरदर्शन पर तो ये रामायण खत्म हो गई है. इसे अब स्टार प्लस पर दिखाया जा रहा है.

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